शामली। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्या डाॅक्टर हिमानी अग्रवाल ने कहा कि महिला थानों में दर्ज शिकायतों पर सुनवाई हो रही है। वहां पर काफी संख्या में पीडि़त महिलाओं की सुनवाई के बाद निस्तारण हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
बुधवार को महिला आयोग की सदस्या डाॅक्टर हिमानी अग्रवाल ने शामली कलक्ट्रेट सभाकक्ष में 22 पीड़ित महिलाओं की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान बनत की आमिर बानो ने कहा कि उनकी पुत्रवधु काजल घर छोड़कर चली गई है। वह अपने मायके से सुसराल नहीं आना चाहती है। उन्होंने आदर्श मंडी थाना प्रभारी को पीड़िता को न्याय दिलाने के निर्देश दिए। मालैंडी निवासी अंजली ने बताया कि उनके पति की हत्या हो गई है। सुसराल वाले फैसला करने के लिए दबाव बना रहे हैं। आयोग की सदस्या ने गढ़ीपुख्ता थाना प्रभारी को पीडित महिला की शिकायत में सुनवाई करते हुुए दर्ज एफआईआर में धारा बढ़ाने के निर्देश दिए। भनेड़ा जट निवासी शहनाज ने कहा कि उसके पति ने तलाक दे दिया है। सुसराल वालों ने घर से बाहर निकाल दिया है। शामली निवासी राधिका ने शिकायत में कहा कि उसका पति लापता है। सुसराल वालों ने मारपीट करके घर से निकाल दिया है।
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मिल रोड निवासी प्रियंका ने आरोप लगाया कि सुसराल वालों ने दहेज के कारण घर से निकाल दिया है। आयोग की सदस्या ने पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस को निर्देश दिए। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट हामिद हुसैन ने बताया कि आयोग की सदस्या ने एक विधवा महिला को आर्थिक सहायता के रूप में विधवा पेेंशनऔर बच्चों को स्पांसर याेजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। मौके सीओ प्रशिक्षु, महिला थाना प्रभारी निधि चौधरी, गजाला त्यागी मौजूद रहीं।
बाद में डाॅक्टर हिमानी ने जिला सयुंक्त अस्पताल का निरीक्षण किया। अल्ट्रासाउंड, एक्सरे रूम का भी जायजा लिया। जच्चा बच्चा वार्ड के निरीक्षण के दौरान सामान्य प्रसव के दौरान धनराशि वसूलने की जानकारी मरीजों से ली। कहा कि कोई वसूली तो नहीं की जा रही। जिस पर किसी ने भी वसूली की बात से इनकार किया। मौके पर जिला अस्पताल के सीएमएस किशोर आहूजा मौजूद रहे।