इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से दोपहर करीब एक बजे सहायक अध्यापिका बाइक से बीएसए कार्यालय के निकट पहुंची और लिपिक को फोन कर रुपये देने के लिए बुलाया। लिपिक अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा और अध्यापिका को भैंसवाल रोड पर ले गया।
इसके बाद गाड़ी में बैठकर सहायक अध्यापिका ने जैसे ही 500-500 के नोट की दो गड्डी यानि एक लाख रुपये लिपिक को दिए। उसी समय टीम ने लिपिक को एक लाख रुपये की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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सहारनपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक महेश दूबे की तरफ से लिपिक के विरुद्ध भ्रष्टचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। लिपिक को आज भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय मेरठ में पेश किया गया।