शामली। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 10 मार्च के बाद ही शुरू हो सकेगा। पिछले साल एक मार्च से 28 मार्च के बीच सर्वेक्षण हुआ था। आचार संहिता लागू होने के कारण अभी पालिका की तरफ से स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर तैयारी भी शुरू नहीं हो पाई है।
शहर में सफाई व्यवस्था को परखने के लिए भारत सरकार द्वारा हर साल स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है। सर्वेक्षण के आधार पर निकायों को रैंकिंग जारी की जाती है। पिछले साल एक मार्च से 28 मार्च के बीच देश में स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था। केंद्रीय स्तर से निकायों में टीम पहुंचकर स्वच्छता को परखती है। इस बार प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लगी हुई। 10 मार्च को मतगणना होगी। आचार संहिता लगी होने के कारण प्रदेश में इस साल एक मार्च से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू नहीं हो सकेगा। पालिका की तरफ से स्वच्छता को लेकर अभी किसी तरह की तैयारी व गतिविधियां भी शुरू नहीं हो पाई है। आचार संहिता हटने के बाद ही सर्वेक्षण के लिए टीम पहुंचेगी। स्वच्छ भारत मिशन के जिला कोआर्डिनेटर उत्तम पूनिया ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लगी होने के कारण एक मार्च से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि आचार संहिता हटने के बाद ही स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम निकायों में पहुंचकर सर्वे करेगी।