शामली। बरसात का सीजन सिर पर आ गया है। वैसे तो नगर पालिका ने नालों की सफाई का अभियान चला रखा है, लेकिन अभी भी बहुत से नालों की सफाई नहीं हुई है।
नाले गंदगी से अटे हुए हैं, जो बरसात आने पर जलभराव की समस्या को बढ़ावा दे सकते हैं। नालों की पर्याप्त सफाई नहीं होने की वजह से हर साल जलभराव की समस्या पैदा होती है, जिससे नागरिकों को परेशान होना पड़ता है।
शामली नगर में बरसात के समय कई स्थानों पर जलभराव होता है। इनमें नेहरू मार्केट, आर्यपुरी, बैंड मार्केट, कबाड़ी बाजार, सीबी गुप्ता कॉलोनी आदि शामिल हैं।
बरसात में जलभराव की समस्या से बचाव के लिए ही हर साल नगर पालिका नालों की सफाई कराती है। इस बार भी नालों की सफाई का अभियान चल रहा है, जिसके चलते मंडी के पीछे से शांतिनगर होता हुआ दयानंदनगर से खेड़ीकरमू की तरफ जाने वाले मुख्य नाले की सफाई जेसीबी से कराई जा रही है। इसके बावजूद मोहल्ला शांतिनगर से पीछे का पूरा नाला गंदगी से अटा हुआ है। ब्लाक रोड पर और मंडी रोड पर सड़क के किनारे से के छोटे नाले भी गंदगी से भरे हैं।
नाला सफाई पर खर्च हुए थे 20 लाख रुपये
शहर के नालों की सफाई पर बीते वर्ष नगर पालिका परिषद शामली ने करीब 20 लाख रुपये चार किश्तों में खर्च किए थे। इस बार भी नाला सफाई पर मोटी धनराशि खर्च की जा रही है।
अब देखना यह है कि इस बार पालिका द्वारा कराई गई सफाई कितनी कारगर रहती है और बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या से कितनी निजात मिलेगी। नगर पालिका परिषद के सफाई निरीक्षक गोविंद का कहना है कि शहर में 43 नाले हैं, जिनमें से 35 की सफाई कराई जा चुकी है। बचे हुए नालों की सफाई जल्दी ही कराई जाएगी।