शामली। जिला योजना के तहत गन्ना विभाग की तरफ से बनवाई गई सड़कों की हालत काफी खराब मिली। महज डेढ़ साल के भीतर ही सड़कें दम तोड़ गईं। गन्ना आयुक्त के निर्देश पर 17 सड़कों की तकनीकी जांच में खामियां मिलने पर संबंधित ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जाती है, तो ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती ने बताया कि वर्ष 2014-15 में जिला योजना में गन्ना विकास परिषद की विभिन्न सड़कों को शामिल किया गया था।
शासन से धनराशि जारी होने के बाद सड़कों का निर्माण हुआ। सड़कों के निर्माण को लेकर गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने तकनीकी जांच कराई, जिसमें सड़कों की हालत ठीक नहीं मिली।
सड़कें क्षतिग्रस्त मिली। इसके बाद गन्ना आयुुक्त ने एक जून को जांच रिपोर्ट जिला गन्ना अधिकारी को भेजी, जिसमें सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि सड़क निर्माण कराने वाले ठेकेदारों को नोटिस भेज दिया गया है।
सात दिन के भीतर सड़कों की मरम्मत कराने के लिए कहा गया है। यदि इस दौरान सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जाती है, तो संबंधित ठेकेदारों की जमानत धनराशि जब्त कर ली जाएगी।
इन सड़कों के संबंध में भेजी जांच रिपोर्ट
गोहरपुर क्रय केंद्र से लेकर खेड़ी वैरागी, ताना नाला पटरी से मालैंडी, मेरठ-करनाल मार्ग से टिटौली बाईपास, कैराना-कांधला मार्ग से निरंकारी मंदिर तक, बधेव से नया गांव, तलबा माजरा बस स्टैंड से खेड़ी बैरागी तालाब तक, गोहरनी फाटक से करोड़ी मोड़ तक, ताना नाला पटरी से स्कूल तक, जंधेड़ी से गाजीपुर हरिपुर मार्ग, किसान इंटर कालेज से शुगर मिल संपर्क मार्ग, थानाभवन- ऊन मार्ग से पल्ठेड़ी मार्ग, खेड़ा गदई से बुंटा रजवाहे तक, थानाभवन- मुल्लापुर मार्ग, मन्ना माजरा से गोगा म्हाड़ी तक, गढ़ीपुख्ता स्वागत द्वार से गोगा म्हाड़ी तक, शेखपुुरा मैन रोड से कसेरवा कलां, माजरा थानाभवन से वाया रेलवे फाटक ऊन-थानाभवन आदि 17 सड़कों की सुंदरीकरण कराने के लिए धनराशि स्वीकृत करके निर्माण के लिए ठेके छोड़े गए थे।