थानाभवन। नगर पंचायत ने कृष्णा नदी में गिरने वाले नाले के गंदे पानी को साफ करने की तैयारी कर ली है। पहले नगर पंचायत तीनों नालों की टेपरिंग करेगी और फाइटोरेमीडेशन विधि से बची हुई गंदगी को दूर करेगी। जिससे कृष्णा नदी में साफ पानी पहुंचे।
नगर पंचायत क्षेत्र से तीन बड़े नालों चरथावल बस स्टैंड, मुल्लापुर मार्ग व बूढ़ाबाबू तालाब के समीप से बहने वाले नालों का दूषित पानी कृष्णा नदी को खराब कर रहा है। नदी का अस्तित्व व ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस पानी को साफ करने की तैयारी की है। नगर पंचायत ने तीनों नालों का पानी साफ करने का बीड़ा उठाया है। नगर पंचायत की मानें तो एक सप्ताह के भीतर करीब दस लाख की लागत ने नालों की टेपरिंग शुरू हो जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे नालों का पानी 80 फीसदी तक साफ हो जाएगा। इसके बाद बची हुई गंदगी को दूर करने के लिए फाइटोरेमीडेशन विधि का उपयोग किया जाएगा। जिससे कृष्णा नदी का अस्तित्व बना रहे और सिर्फ साफ पानी ही कृष्णा नदी में पहुंचे।
क्या है नाला टेपरिंग
नगर पंचायत तीनों नालों पर जगह-जगह जाल लगाएगी। जिससे कि नालों में बहने वाली पॉलिथीन, ईंट-पत्थर, घरों का कचरा आदि सामान नदी में जाने से रोका जा सके। इसके लिए नगर पंचायत ने करीब दस लाख रुपये का बजट तैयार किया है। अगले एक सप्ताह के भीतर यह प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा।
क्या है फाइटोरेमीडेशन
इस विधि के जरिए नगर पंचायत नदी के किनारे पौधारोपण करेगी। साथ ही नदी के समीप नालों में ऐसे पौधे लगाएगी, जो पानी में बहने वाली गंदगी को सोख लेते हैं। पहले नालों से कूड़ा करकट और फिर बचे हुए पानी से गंदगी को साफ करनेे से नालों का पानी लगभग साफ हो जाएगा।
बोले कस्बे के लोग
कृष्णा नदी हमारी धरोहर है, लेकिन कस्बे से निकलने वाला दूषित पानी कृष्णा नदी को और गंदा कर रहा है। नगर पंचायत को इसके लिए एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करना चाहिए। - अनमोल गर्ग, समाजसेवी
कृष्णा नदी का पानी दूषित होने से नदी किनारे बचे आसपास के गांवों के लोग गंभीर बीमारियों से ग्रस्त होते जा रहे हैं। यदि जल्द इसका समाधान नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम सामने आएंगे। - नीरज रानी, शिक्षिका
कुछ गंदा पानी को पीछे से आता है और ऊपर से कस्बे से निकलने वाला दूषित पानी इस पवित्र नदी को और दूषित करता आ रहा है। इस लापरवाही पर नगर पंचायत पर पूर्व में भी जुर्माना लग चुका है। - तरुण मिगलानी, अधिवक्ता
सिर्फ नदी दूषित ही नहीं है, बल्कि अतिक्रमण की भी शिकार है। नदी पूर्ण रूप से पुनर्जीवित तब होगी, जब इसमें गिरने वाला पानी भी साफ होगा और नदी के पूरे रकबे को अतिक्रमण से भी मुक्त किया जाएगा। - राकिब थानवी, युवा
कोट...
नगर पंचायत एक सप्ताह के भीतर नाला टेपरिंग का प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। जिसके टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद फाइटोरेमीडेशन विधि से बची हुई गंदगी को भी दूर कर लिया जाएगा। फाइटोरेमीडेशन की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। - मेघा गुप्ता, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत।