शामली। कोतवाली पुलिस के मालखाने से 120 कारतूस, 50 किलो डोडा पोस्त, जेवरात, चरस समेत 413 माल गायब होने के मामले की जांच विभागीय अधिकारियों ने शुरू कर दी है। पुलिस का दावा है कि कोतवाली के मालखाने से ही कुछ गायब माल मिल गया है। अब सवाल यह उठता है कि जब मालखाने में ही माल रखा हुआ था तो डीएम द्वारा गठित समिति को यह क्यों नहीं मिला।
दरअसल, 11 नवंबर 2020 को कोतवाली के मालखाना इंचार्ज हेड कांस्टेबल राजेश की मौत के बाद से किसी को भी मालखाने का चार्ज नहीं दिया गया था। मालखाने पर ताला लटका हुआ था। एसडीएम हामिद हुसैन समेत गठित समिति के सदस्यों ने सितंबर में मालखाने का निरीक्षण किया तो वहां 120 कारतूस, दो किलो चरस, 50 किलो डोडा पोस्त समेत 413 माल गायब मिले। अधिकारियों के आदेश पर मालखाने का चार्ज हेड कांस्टेबल अमित कुमार को दिया गया साथ ही मृतक हेड कांस्टेबल राजेश के खिलाफ ही कोतवाली प्रभारी समय पात्र अत्री ने रिपोर्ट दर्ज करा दी। अब पुलिस के अनुसार गायब माल में से कुछ माल को कोतवाली के मालखाने से ही बरामद किया गया है। माल कितना बरामद किया गया, अभी इसका आंकलन किया जा रहा है।
एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। सारे माल को जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा।
कई के बयान भी किए दर्ज
मामले की जांच कोतवाली प्रभारी कर रहे हैं। चोरी प्रकरण में उन्होंने कई पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए हैं। मगर सवाल यह उठता है कि आरोपी मृतक हेड कांस्टेबल को क्यों बनाया गया है।