शामली। यातायात व्यवस्था को बदतर बना रहे ई-रिक्शा शहर के लोगों के लिए बड़ा सिरदर्द बने हैं। इनकी वजह से लगने वाले जाम की वजह से लोगों का समय बर्बाद हो रहा है। डीजल-पेट्रोल पर होने वाला खर्च भी बढ़ गया है। परिवहन विभाग के अनुसार वर्तमान में शहर में 2500 ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इसके अलावा करीब 1300 ई-रिक्शा अवैध रूप से दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस इन पर लगाम कसने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में शहर के सभी मार्गों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। ई-रिक्शा चालक किसी भी रूट पर बेखौफ होकर फर्राटा भरते हैं। मुख्य मार्गों पर ही नहीं बाजारों में भी इनकी वजह से जाम लगा रहता है।
इन सड़कों पर लगता है जाम
एमएसके रोड, वीवी इंटर कॉलेज रोड, धीमानपुरा, माजरा रोड, दिल्ली रोड, मेरठ-करनाल हाईवे पर ई-रिक्शा बेधड़क यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए दौड़ते हैं। जिसकी वजह से गांधी चौक, बड़ा बाजार, अजुध्या चौक, कबाड़ी बाजार, गुरुद्वारा तिराहा, रोडवेज बस अड्डा, कैराना बस अड्डे पर जाम लगा रहता है।
मुंडेट निवासी मेंघाशु सरोहा शहर में जाम की समस्या काफी गंभीर हो गई है। जाम में फंसने से लोग गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच पाते। ई-रिक्शा जाम का सबसे बड़ा कारण हैं। इन पर अंकुश लगाना जरूरी है।
काका नगर निवासी अमित शर्मा का कहना है कि प्रशासन जाम की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। रोजाना लगने वाले जाम से लोगों का समय बर्बाद होता है। डीजल-पेट्रोल पर होने वाला खर्च भी बढ़ जाता है।
साकेत कॉलोनी अग्निवेश वशिष्ठ का कहना है कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके चलते एमएसके रोड और मेरठ-करनाल हाईवे पर पूरा दिन जाम लगा रहता है। जाम से सभी लोग परेशान हैं।
माजरा रोड अनित निर्वाल का कहना है कि जाम की समस्या कई वर्ष पुरानी है। ई-रिक्शा चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़कों पर बेतरतीब तरीके से दौड़ाते हैं। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कोट...
समस्या संज्ञान में है, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। जाम के जो भी कारण हैं, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा। - जसजीत कौर, डीएम।
चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर शहर में अवैध रूप से और नियमों का उल्लंघन कर चल रहे ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुकीर्ति माधव, एसपी।