फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्फीली हवा से ठिठुरन बढ़ी, छाए रहे बादल

विज्ञापन
शामली में गेहूं की फसल में भरा बारिश का पानी। - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
शामली। पश्चिमी विक्षोभ सक्रियता के चलते शुक्रवार सुबह तक बारिश जारी रही। पूरे दिन आकाश में घने बादल छाए रहे। धूप न निकलने और 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवा चलने से मौसम में ठिठुरन बढ़ गई। रात के तापमान में चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को दिन का तापमान 15 और रात का सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को जिले में रूक-रूककर बारिश होती रही। इसके बाद रात से शुक्रवार सुबह तक हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। आकाश में घने बादल छाए रहे। 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवा चलने से पूरी रात सर्द मौसम रहा। पिछले 24 घंटे में रात के तापमान में चार डिग्री सेल्सियस पारा लुढ़क गया। दिन के तापमान में दो डिग्री सेल्सियस पारा में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई।
पूर्वी यमुना नहर के उपराजस्व अधिकारी अंबुज चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को चार एमएम और शुक्रवार को 13 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। फरवरी माह में तीन और चार फरवरी को 17 एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
विज्ञापन

सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के नोडल अधिकारी डॉ. उदय प्रताप शाही के मुताबिक शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ जाएगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, बागपत, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर समेत कई जिलों में मौसम मिश्रित रहेगा। आकाश में बादल और हल्की धूप निकलेगी।
16 घंटों से 36 गांवों की बिजली आपूर्ति रही बाधित
शामली। बृहस्पतिवार मध्य रात्रि के बाद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति 16 घंटे से ज्यादा समय तक ठप रही। मध्य रात्रि एक बजे से विद्युत वितरण खंड प्रथम के भैसवाल बिजलीघर के मुंडेट खुर्द, मुंडेट कलां, लिसाढ़, रामपुर घसौली समेत 36 गांवों की आपूर्ति दोपहर बाद तक ठप रही। पावर कारपोरेशन निगम के अधीक्षण अभियंता रामकुमार ने बताया कि तेज हवा और बारिश के चलते आपूर्ति ठप रही। दोपहर बाद आपूर्ति को बहाल कर दिया गया।
बारिश से गेहूं, सरसों, आलू को ज्यादा नुकसान
शामली। जनवरी और फरवरी माह में हुई बारिश से जिले में गेहूं की पत्तियां पीली हो गई हैं। तापमान गिर जाने के बाद वर्षा का ज्यादा पानी जमीन में चला गया है। गेहूं के पौधों में जलभराव होने से पौधों में पोषक तत्वों की नमी होने से बढ़वार और फुटाव प्रभावित हो गई है।
तेज हवा और बारिश से सरसों की फसल गिर गई है। सरसों के गिर जाने से दाना कम पतला बनेगा। दस प्रतिशत से अधिक सरसों का उत्पादन प्रभावित हो गया। शामली कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक के मुताबिक ज्यादा बारिश होने से आलू की फसल प्रभावित हुई है। आलू का फुटाव कम होगा। बाजार में रेट कम मिलेगा। लंबे समय तक गन्ने का तापमान दस डिग्री से कम होने से शरदकालीन बुआई में कैंडक्लोरिस रोग आने फसल प्रभावित हुई है। ज्यादा बारिश होने से गाजर, पालक, टमाटर, शलजम, धनिया, मटर आदि सब्जियां प्रभावित हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें