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पीएम आवास: खुले आसमान के नीचे कट रहीं सर्द रातें

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जलालाबाद में निर्माणाधीन पीएम आवास में लाभार्थी सुमन। - फोटो : SHAMLI
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सर्द रात में खुले आसमान के नीचे कट रही है जिंदगी
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शामली। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लाभार्थियों ने एक सुनहरा सपना संजोया था कि उनका अपना एक मकान होगा। मुश्किलें आसान होंगी और सर्दी में ठंड से बचने के लिए एक कमरे में परिवार के साथ गुजर बसर कर सकेंगे। हालांकि लाभार्थियों को योजना की पूरी किस्त नहीं मिलने के कारण उनका सपना अधूरा रह गया। सर्दी में ठिठुरती रातें खुले आसमान के नीचे व्यतीत करने को मजबूर हैं। किसी ने तिरपाल डाल रखा है तो कोई किराये का मकान लेकर दिन काट रहा है। करीब 174 लाभार्थियों को दूसरी किस्त नहीं मिली है, जबकि ऐसे सैकड़ों लाभार्थी हैं, जिनके मकानों पर लिंटर नहीं डाला जा सका। तीसरी किस्त के इंतजार में लगभग 6786 आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल हैं। वर्ष 2022 तक हर बेघर को घर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, लेकिन लॉकडाउन के बाद लाभार्थियों को योजना के तहत अगली किस्त नहीं मिल रहीं हैं। जिले में 14 हजार 33 परिवार पीएम आवास योजना में पात्र मिले थे। इनमें से 11069 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 50-50 हजार रुपये मिले हैं। प्रथम किस्त मिलने के बाद नींव का काम पूरा करना होता है। दूसरी किस्त की राशि केवल 11069 लाभार्थियों को ही मिल पाई है। इससे 174 परिवार ऐसे हैं, जिनके मकानों की केवल नींव ही भरी गई है। इसके अलावा करीब एक हजार ऐसे लोग हैं, जिन्हें दूसरी किस्त तो मिल गई है, लेकिन अभी मकान का लिंटर नहीं पड़ा है। लाभार्थियों ने नया मकान बनाने के लिए पुराना तोड़ दिया, लेकिन किस्त में देरी से अब उनके सिर पर छत नहीं है। सर्दी के मौसम में ये परिवार तिरपाल डालकर रहने को मजबूर हैं या फिर किराये के मकानों में दिन काट रहे हैं।
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मार्च में मिली थी पहली किस्त
जलालाबाद। कस्बे के मोहल्ला सुजान निवासी अमित सैनी का कहना है कि उसके मकान के लिए पहली किस्त लॉकडाउन से पहले मार्च में मिली थी। इसके बाद दूसरी किस्त नहीं आई। मकान की नींव भरवा दी और दीवारें बनवा दी, लेकिन लिंटर नहीं पड़ा। उसका परिवार किराये के मकान में रह रहा है। मोहल्ला गंगा आर्य नगर निवासी सुमन पत्नी कदम सिंह का कहना है कि पहली किस्त अप्रैल में मिली थी। पुराना मकान तोड़ दिया। उसके घर का सामान पड़ोसी के मकान में रखा है। वह तिरपाल डालकर रहने को मजबूर है। मोहल्ला आर्यनगर निवासी सोमपाल को भी पहली किस्त अप्रैल में मिली थी। वह भी पड़ोसी के मकान में किराये पर रह रहा है।
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पीएम आवास योजना का हाल
जिले में पात्र मिले लाभार्थी: 14033
जनपद में लक्ष्य : 10574
प्रथम किस्त मिली: 11069
द्वितीय किस्त मिली : 10995
तृतीय किस्त मिली: 4283
इन्होंने कहा...
कुछ लाभार्थियों की किस्त पिछले माह आई थी। सभी की डिमांड पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। शासन स्तर से ही धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। जल्द ही और किस्तें आने की उम्मीद है।
- प्रदीप कांत, परियोजना अधिकारी, डूडा।

जलालाबाद में निर्माणाधीन मकान में खड़ा लाभार्थी अमित सैनी।- फोटो : SHAMLI

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