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सर्दी में टाट-पट्टी और दरी पर ठिठुर रहा बचपन

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कैराना में प्राथमिक विद्यालय शास्त्री में जमीन पर टाट बिछा कर बैठे छात्र - फोटो : SHAMLI
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सर्दी में टाट-पट्टी और दरी पर ठिठुर रहा बचपन
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शामली/ कैराना। परिषदीय स्कूलों की स्थिति में सुधार के सरकार लाख दावे करती है। सरकारी स्कूलों को निजी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के टक्कर का करार देती है। लेकिन धरातल पर ये दावे कहीं भी नहीं टिकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की हालत तो काफी खराब है। शहरी क्षेत्र में भी हालात अच्छे नहीं हैं।
इन दिनों कंपकंपाती सर्दी में बच्चे स्कूलों के फर्श पर ठिठुर रहे हैं। यूनीफॉर्म व मिड-डे मील और छात्रवृत्ति पर हर साल अरबों खर्च करने वाले शिक्षा विभाग के पास प्राइमरी स्कूल के लिए फर्नीचर खरीदने का पैसा नहीं है। मजबूरी में टाट व दरी पर बैठकर मासूमों को पढ़ने के लिए विवश होना पड़ रहा है। जिससे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं या ठंड में स्कूल आने से कतराते हैं। बृहस्पतिवार को जब सरकारी स्कूलों की पड़ताल की गई तो हालात काफी खराब मिले।
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दरी पर बैठकर पढ़ाई कर रहे नौनिहाल
शहर के मोहल्ला बरखंडी स्थित सरकारी स्कूल में बच्चे दरी पर बैठ कर पढ़ाई करते हैं। अब सर्दी बढ़ने पर बच्चों की मुश्किल भी बढ़ गई है। दरी भी ठंडे फर्श की वजह से जल्दी ही ठंडी हो जाती है। कक्षा-एक से तीन तक के बच्चे एक ही कक्ष में पढ़ाई कर रहे थे। कमरों की खिड़की टूटी हुई थी। स्कूल में ही कूड़े का ढेर भी लगा था। बच्चों का कहना था कि उन्हें ठंड लगती है, लेकिन स्कूल में बेंच की व्यवस्था नहीं है। शिक्षक नीरज ने बताया कि उच्चाधिकारियों बेंच की मांग की गई थी। इसके अलावा कुछ कक्ष जर्जर हो चुके हैं। नगर पालिका की ओर से एक सफाई कर्मचारी नियुक्त है, जो कभी-कभी आता है।
जगह है कम नहीं हो पाई फर्नीचर की व्यवस्था
ठंड में कैराना के प्राथमिक विद्यालय शास्त्री के नन्ने मुन्ने छात्र ठंड के बावजूद जमीन पर ही टाट पर बैठकर पढते है। सुबह करीब 11 बजे प्राथमिक विद्यालय शास्त्री में एक रूम के अंदर कक्षा एक व कक्षा दो के छात्र संयुक्त क्लास में जमीन पर बिछाई गई टाट पर बैठे थे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक शमीम अहमद ने बताया कि उनके विद्यालय में 203 छात्र है। कक्षा एक से कक्षा 5 तक की क्लास के लिए केवल तीन ही कमरे है। उनके स्कूल में जगह कम होने के कारण फर्नीचर की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार का कहना है कि ज्यादातर स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था है। कुछ ही स्कूल ऐसे हैं, जहां दरी पर बैठकर बच्चों को पढ़ना पड़ता है। जल्द ही इन स्कूलों में भी फर्नीचर की व्यवस्था की जाएगी।

शामली मौहल्ला बरखंडी स्थित प्राइमरी स्कूल में फर्स पर बैठ कर पढाई करते बच्चे- फोटो : SHAMLI

शामली मौहल्ला बरखंडी स्थित प्राइमरी में पडा कूडा- फोटो : SHAMLI

शामली मौहल्ला बरखंडी स्थित प्राइमरी की टूटी खिडकी- फोटो : SHAMLI

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