शामली। निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों के उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के बाद जिलाधिकारी ने जांच के लिए छह टीमें गठित कर दी। टीमों को पांच पांच स्कूलों में निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।
डीएम सुजीत कुमार ने जिले के तीनों एसडीएम और तीनों तहसीलदारों के नेतृत्व में छह टीमें गठित करके प्राइवेट स्कूलों में निरीक्षण के लिए भेजा। शुक्रवार को एसडीएम शामली एमपी सिंह ने शामली के सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल, बीएसएम स्कूल और रॉयल पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया।
इस दौरान विभिन्न बिंदुओं पर जांच की गई। विद्यालयों में संबंधित सीबीएसई और एनसीईआरटी के नियमों का पालन हो रहा है अथवा नहीं। अभिभावकों को निर्धारित दुकान/फर्म/विद्यालय से यूनीफार्म एवं पाठ्य पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य तो नहीं किया जा रहा है।
इसके साथ ही स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं योग्य एवं प्रशिक्षित हैं अथवा नहीं तथा मान्यता से अधिक कक्षाएं तो संचालित नहीं की जा रही हैं। उधर, एसडीएम एमपी सिंह ने बताया कि स्कूल संचालकों से यह भी पूछा गया कि बीते शैक्षिक सत्र के मुकाबले इस बार कितनी फीस वृद्धि की गई। स्कूल संचालकों ने एनसीआरटी की किताबें नहीं मिल पाने की समस्या भी रखी। स्कूल संचालकों को हिदायत दी गई कि एनसीईआरटी की किताबें ही लगाई जाएं।
डीआईओएस ने किया स्कूलों में किताबों का निरीक्षण
शामली। डीएम के आदेशानुसार बनाई गई 6 टीमों में से डीआईओएस एसएम सिद्दीकी ने भी सिक्का के लांसर्स व थानाभवन क्षेत्र के अर्पण पब्लिक स्कूल मेें निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने टीम के साथ बच्चों को मिली पुस्तकों को देखा। जिसमें लांसर्स पब्लिक स्कूल में सभी किताबें एनसीईआरटी की ही मिली। जबकि अर्पण पब्लिक स्कूल में कुछ किताबें मिक्स मिली। जिसमें उन्होंने स्कूल प्रबंधक व प्रधानाचार्य को सभी किताबें एनसीईआरटी की ही लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानाचार्य को दोबारा ऐसा मिलने पर कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।