संगठन की मजबूती और अनुशासन पर जोर देते हुए आजाद ने कहा कि कार्यकर्ता ही उनकी ताकत हैं, और उनकी सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे संगठन या किसी साथी को नुकसान पहुंचे।
आजाद ने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपना अस्त्र बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से भद्रता आती है और समाज में जागरूकता फैलती है। मुसलमानों सहित सभी वंचित समाजों को शिक्षित होकर ही आगे बढ़ना होगा ताकि वे अन्याय और भेदभाव के खिलाफ डटकर खड़े हो सकें।