शामली। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (़टीईटी) शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। शहर में पांच केंद्रों पर दो पाली में परीक्षा कराई गई, जिसमें 4702 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 581 गैरहाजिर रहे। कठिन सवाल देख अधिकतर अभ्यर्थी चकरा गए। गणित और हिंदी का प्रश्नपत्र काफी कठिन होने के कारण अभ्यर्थी उसमें उलझ गए।
कई महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित में पहले ही कमजोर हैं। गणित में 30 प्रश्न आए हुए थे, जिसमें समझ में न आने पर सभी पर तुक्का मारा है। वहीं, सचल दस्तों ने भी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर निरीक्षण किया। किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकलची नहीं पकड़ा गया।
रविवार को यूपी टीईटी के लिए प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर और द्वितीय पाली में उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा हुई। सुबह 10 से 12.30 बजे तक पहली पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए आरके पीजी कॉलेज, आरके इंटर कॉलेज और सिल्वर बेल्स स्कूल में 1662 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1458 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 204 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे।
वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से पांच बजे तक हुई। इसमें उच्च प्राथमिक स्तर के लिए पंजीकृत 3621 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनकी परीक्षा आरके पीजी कॉलेज, आरके इंटर कॉलेज, सिल्वर बेल्स स्कूल, वीवी पीजी कॉलेज और हिंदू कन्या इंटर कॉलेज में संपन्न हुई।
दूसरी पाली में पांचों केंद्र पर 3244 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 377 अभ्यर्थी गैर हाजिर रहे। सभी केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के करीब एक घंटा पूर्व ही सीटिंग प्लान चस्पा कर दिया गया था, जिसमें अभ्यर्थी का अनुक्रमांक और कमरा नंबर दर्ज था।
परीक्षा के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के गेट पर ही तलाशी लेकर प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर एसडीएम सुरजीत सिंह और सीओ सिटी अशोक कुमार ने घूमकर व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं, सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिहाज से पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुरुष और महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी लगाई गई थी।
परीक्षा समाप्त होने पर अभ्यर्थी बाहर आकर प्रश्नपत्र को लेकर आपस में मिलान करते नजर आए। वहीं, परीक्षा के लिए दो सचल दस्ते बनाए गए थे। एक सचल दस्ता बीएसए चंद्रशेख्रर के निर्देशन में और दूसरा सचल दस्ता डीआईओएस एसएम सिद्दीकी के निर्देशन में बनाया गया। दोनों सचल दस्तों ने दोनों पाली में सभी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर तलाशी ली।
प्रशिक्षण प्रमाण पत्र न लाने पर हुई परेशानी
परीक्षा देने के लिए आए काफी अभ्यर्थी बीएड के अंकपत्र की मूल कॉपी अथवा इंटरनेट से निकाले गए प्रमाणित अंकपत्र नहीं लाए। ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के गेट पर ही रोक दिया गया। इसके चलते अभ्यर्थी आनन फानन में इंटरनेट से निकाले अंकपत्र को प्रमाणित कराने में भागदौड़ करने में लग गए। कुछ अभ्यर्थियों ने अपने घर से अंकपत्र की मूल कॉपी मंगाई, तब उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। इसी वजह से वीवी पीजी कॉलेज में कुछ अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया, जिसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराया।