फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांधला के जलसे की अनुमति रद्द करना निंदनीय: शाहनवाज आलम

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष शाहनवाज आलम ने कांधला कस्बे में होने वाले सालाना जलसे की अनुमति रद्द किए जाने की निंदा करते हुए इसे मुसलमानों के संवैधानिक अधिकार पर हमला बताया है।
विज्ञापन

उन्होंने इस मुद्दे पर सपा-रालोद नेताओं की चुप्पी को भी शर्मनाक बताया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी के अनुसार शाहनवाज आलम ने इस संबंध में लखनऊ से प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। जिसमें कहा कि 21 मार्च को कांधला के ऐतिहासिक ईदगाह मैदान में होने वाले सालाना जलसे की अनुमति प्रशासन ने आयोजकों को दे रखी थी। इसकी तैयारी की जा रही थी। देशभर के जाने माने इस्लामी विद्वानों को शिरकत करनी थी। लेकिन रविवार रात अचानक बिना कोई वजह बताए अनुमति रद्द कर दी गई। साथ ही आयोजन पर कार्रवाई की धमकी भी दी गई। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार की सांप्रदायिक मानसिकता और कार्यशैली को दर्शाता है। जो मुसलमानों को अपने धार्मिक आयोजन करने के संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने की आपराधिक श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांधला आए थे और मौलाना इफ्तिखार उल हसन से बंद कमरे में मुलाकात की थी। उन्हीं मरहूम मौलाना के बेटे मौलाना राशिद उल हसन के द्वारा आयोजित किए जाने वाले जलसे को उन्हें अपमानित करने की नीयत से प्रशासन नहीं होने दे रहा है। लेकिन मुसलमानों के वोट से जीते जिले के तीनों विधायक इस मुद्दे पर चुप हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें