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नाबालिग को ड्राइविंग से रोकने की मुहिम आज से

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शामली। पुलिस विभाग ने नवंबर के पूरे महीने यातायात जागरूकता अभियान चलाया। 12 हजार छात्र-छात्राओं को जागरूक किया गया। 1824 ई-चालान किए गए । 97 लाख का शमन शुल्क वसूला लेकिन इसके बावजूद किशोर सड़कों पर बाइक स्कूटी दौड़ा रहे हैं। ट्रिपल राइडिंग भी हो रही है। खासतौर से स्कूली छात्र । बच्चे तो नासमझ हैं लेकिन उनके परिजन तो समझदारी दिखा सकते हैं। वे अपने बच्चों को ड्राइविंग से रोक सकते हैं। नाबालिग स्कूली बच्चों को ड्राइविंग से रोकने के लिए समाज केे जागरूक करने के उद्देश्य से अमर उजाला रविवार से एक मुहिम शुरू करने जा रहा है। इसमें रविवार को हम शहरवासियों से इस अहम मुद्दे पर चर्चा करेंगे।
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नहीं रुक रही नाबालिग बच्चों की ड्राइविंग
शनिवार को ही शहर में कई जगहों पर नाबालिग ड्राइविंग करते नजर आए। शहर के गढ़ीपुख्ता-मालैंडी मार्ग पर कई स्कूली बच्चे ड्राइविंग करते नजर आए । एक बाइक पर तीन-तीन स्कूली छात्र जा रहे थे। एक ही नहीं कई बाइकें वहां से इसी तरह गुजरी। यही हालत सुबह साढे 11 बजे कैराना रोड पर नजर आया। स्कूलों के नाबालिग बच्चे बाइकों पर अपने दोस्तों को बैठाकर ले जा रहे थे। कुछ की स्पीड तो बेहद तेज थी। विजय चौक पर खड़े पुलिस वाले भी इन्हें नजर अंदाज कर रहे थे।
साइकिलों पर भी स्टंट करते हैं बच्चे
बाइक स्कूटी के अलावा साइकिलों पर भी बच्चे सड़कों पर स्टंट करते हैं। शहर के माजरा रोड पर मंडी के निकट दो बच्चे साइकिल पर स्टंटबाजी कर रहे थे पास से ही वाहन भी गुजर रहे थे। ऐसे में यदि स्टंट करते हुए ये नीचे गिर गए और कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। बेहतर है कि अभिभावक खुद अपने बच्चों को समझाएं ।
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संवाद से होगी शुरूआत, स्कूल कालेजों में दिलाएंगे संकल्प
इस सामाजिक समस्या को लेकर अमर उजाला अपने अभियान में रविवार को शहर के गणमान्य लोगों, स्कूल कालेज के प्रधानाचार्य, प्रबंधकों, व्यापारी, अभिभावक ,महिलाओं के साथ एक संवाद कार्यक्रम करेंगे। इसमें यातायात पुलिस के अधिकारी भी शामिल होंगे। नगर पालिका सभागार में ये कार्यक्रम दोपहर डेढ़ बजे होगा। इसमें नाबालिग बच्चों को ड्राइविंग से रोकने पर विचार होगा। लोगों से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद अमर उजाला ,यातायात पुलिस के अधिकारियों के साथ स्कूल कालेजों में जाकर इसपर वहां के स्टाफ, कुछ अभिभावकों चर्चा करेंगे। संकल्प दिलाया जाएगा कि वह अपने नाबालिग बच्चों के हाथ में वाहन नहीं देंगे। उन्हें ड्राइविंग से रोकेंगे। अमर उजाला की इस मुहिम में स्कूल कालेज, प्रशासन, यातायात पुलिस, एआरटीओ का भी पूरा सहयोग रहेगा।
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