अब तक आधा जिला पेड़ों से ढक गया होता
जिस रफ्तार से जिले में पौधरोपण हो रहा है, उससे अब तक जिले की आधी जमीन पेड़ों से ढक गई होती, लेकिन वन क्षेत्र में न तो बढ़ोतरी हुई और न ही कहीं पर नए पेड़ों के झुरमुट नजर आते हैं। इस बार फिर से 12 लाख 35 हजार 356 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। यह लक्ष्य पूरा भी होगा, लेकिन हर बार की तरह देखरेख के अभाव में अधिकांश पौधे दम तोड़ जाएंगे।
शामली। शामली जनपद का क्षेत्रफल लगभग 1063 वर्ग किमी है। इसमें मात्र पांच हेक्टेयर ही वन क्षेत्र है, जिसमें ज्यादातर यमुना किनारे के क्षेत्रों में है।
बीते कई वर्षों से जिले में बड़े पैमाने पर पौधरोपण हो रहा है। पांच साल में ही 35 लाख 24 हजार 167 पौधे लगाए गए हैं। यदि दो पौधों के बीच की दूरी दस मीटर भी लगाई जाए तो पूरे जिले के क्षेत्रफल को ढकने के लिए एक करोड़ 63 हजार पौधे लगेंगे। बीते पांच साल में ही इतना पौधरोपण हो चुका है कि 35 प्रतिशत से ज्यादा जमीन पेड़ों से ढक जाए। जबकि पौधरोपण तो करीब दस साल से हो रहा है। यदि ये सब पौधे सही सलामत रहते तो जिले की आधी जमीन हरी-भरी हो गई होती।
पौधे लगाने के बाद कोई पलटकर नहीं देखता
विभाग और सामाजिक संस्थाएं पौधे तो खूब लगाते हैं, लेकिन फिर पलटकर नहीं देखते। लगाए गए पौधों में से अधिकांश सूख जाते हैं। कुछ ही पौधे चल पाते हैं। फिर अगले साल लक्ष्य मिलता है और फिर से पौधे लगा दिए जाते हैं। साल-दर-साल पौधे लगाए जा रहे हैं लेकिन इनके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कोट...
विभाग का प्रयास होता है कि जितने पौधे लगाए जाएं, सभी सुरक्षित रहें। विभाग की ओर से जो पौधे लगाए जाते हैं उनका ध्यान रखा जाता है। जो पौधे सूख जाते हैं उनके स्थान पर दूसरे लगा दिए जाते हैं। लोगों में जागरूकता की कमी है। वे पौधे तो लगा देते हैं लेकिन उनकी देखभाल नहीं करते। - नरेंद्र कुमार, डीएफओ।
बीते पांच साल में हुआ पौधरोपण
साल पौधे लगाए
2016- 255250
2017- 154375
2018- 1011106
2019- 1127546
2020- 975890