चार किमी जाकर लाते हैं सब्जी, फल दूध
प्रभारी अध्यापक चांदबीर सिंह ने बताया कि अकेला होने के कारण बच्चों के मिड-डे मील के लिए चार किमी दूर बाबरी के बाजार से सब्जी, फल दूध आदि खरीदकर लाना पड़ता है। साथ ही बच्चों की रोटी के लिए हिरनवाड़ा करीब तीन किमी आटा चक्की पर गेहूं पिसाई कराने के लिए जाना पड़ रहा है। जिसके कारण बच्चों के शिक्षण कार्य में परेशानी हो रही है। सभी सब्जेक्ट्स भी पढ़ाना मुश्किल हो गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी सीमा चौहान ने बताया कि मानक के अनुसार 30 बच्चों पर एक अध्यापक की नियुक्ति होती है। कई विद्यालयों में शिक्षक की नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को दिसंबर में पत्र भेजा था। वहीं से नियुक्ति की जाएगी।
शौचालय भी जर्जर हालत में
विद्यालय में वित्तीय वर्ष 2018-19 में ग्राम पंचायत ने शौचालय का निर्माण कराया था। जो अब जर्जर हालत में है। फर्श व दीवार में दरार आ गई है। जिसके कारण कभी भी कोई हादसा हो सकता है।