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नालों की सफाई का नहीं मिला बजट, जलभराव से जूझते लोग

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नालों की सफाई का नहीं मिला बजट, जलभराव से जूझते लोग
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थानाभवन। बरसात शुरू होते ही नाले-नालियों की सफाई की प्रमुख समस्या सामने आती है। वजह है कि फिलहाल क्षेत्र के नगर पंचायत व ग्राम पंचायतों में ड्रेनेज का कोई सिस्टम लागू नहीं है, ऊपर से समय से नालों की सफाई न होने से बारिश के दिनों में गंदा पानी सड़क से लेकर लोगों के घरों तक में घुस जाता है। चरथावल बस स्टैंड से होकर निकलने वाले करीब सवा किमी लंबे नाले से भी लोगों को ऐसी ही समस्या का सामना करना पड़ता है। खास बात ये है कि गन्ना मंत्री सुरेश राणा भी खुद इस संबंध में नगर पंचायत को निर्देश जारी कर चुके हैैं, लेकिन अब तक लोगों की मुसीबतें ज्यों की त्यों है। वहीं, नगर पंचायत के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से इस मद में कोई बजट जारी नहीं किया गया है और न ही पिछले सालों में मिला है। इसलिए नगर पंचायत अपने खर्चे से नाले की सफाई कराएगी।
बोले परेशान लोग
मैं हर दिन अपने गांव सेे थानाभवन काम करने के लिए आता हूं। बारिश शुरू होते ही चरथावल बस स्टैंड के नालेे से ओवर फ्लो होकर पानी सड़क पर एकत्रित होता है। कई लोग यहां कीचड़ व जलभराव में गिरकर घायल हो जाते हैं। -महफूज कुरैशी
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कस्बे के लोगों व राहगीरों के अलावा सबसे ज्यादा परेशानी दुकानदारों को उठानी पड़ती है। दुकानों में पानी भरने की नौबत आ जाती है। साथ ही ग्राहक भी काफी कम हो जाते हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी काफी प्रभाव पड़ता है। -आशु, थानाभवन
जब भी बारिश का मौसम आता है तो लोगों के मन में अजीब सी दहशत बैठ जाती है। पानी भरने से सड़कें टूट जाती है, पानी के बीच बड़े-बड़े गड्ढे बनने से लोग यहां हादसों का शिकार होते हैं। कई बार शिकायत भी की जाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। -राजू पाल, थानाभवन
करीब सवा किमी लंबे नाले से हजारों की आबादी जुड़ी हुई है। जब भी बारिश होती है तो नाले का पानी सफाई न होने के कारण लोगों के घरों तक में घुस जाता है। लोगों को यह भी नहीं पता चल पाता कि सड़क कहां है और नाला कहां बह रहा है। -असगर
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बजट नहीं मिलता
शासन से बरसात से पहले नालों की सफाई के लिए विशेष बजट जारी नहीं होता है। नगर पंचायत अपने स्तर से सफाई कराती है। इस साल भी करीब चार लाख रुपयेे की लागत से नालों की सफाई का काम शुरू करा दिया गया है।
-रफत प्रवीन, चेयरमैन
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