फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: भाई का आरोप-गन्ना मूल्य भुगतान मिल जाता तो बच जाती आजाद की जान

Thu, 27 Feb 2025 01:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
विज्ञापन
विज्ञापन
झिंझाना। गांव पुरमाफी में कर्ज से परेशान किसान आजाद सिंह के गोली मारकर जान देने के मामले में किसी अधिकारी द्वारा कोई सुध न लिए जाने पर परिजनों में रोष व्याप्त है। परिजनों का कहना है कि यदि गन्ने का बकाया मूल्य भुगतान हो जाता तो शायद किसान की जान बच सकती थी।
विज्ञापन

गांव पुरमाफी निवासी किसान आजाद ने मंगलवार सुबह अपने खेत में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया था कि 14 फरवरी को उसकी बेटी की शादी हुई थी, इसी कारण उसका भाई आजाद अपनी बेटी रिया की फीस के लिए मुझे कह नहीं सका। रिया कस्बे के एक स्कूल में नौवीं की छात्रा है, जिसकी फीस भरने तथा एक वर्ष से बीमार पत्नी के इलाज के लिए पैसों की कमी ने आजाद को अंदर से तोड़ दिया था।
उन्होंने कहा कि शुगर मिल गन्ने की फसल का भुगतान समय पर कर देते तो उसके भाई की जान बच जाती। धर्मेंद्र ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक तथा सहकारी समिति पुरमाफी के कर्ज के अलावा उस पर अन्य लोगों के भी करीब साढ़े छह लाख रुपये कर्ज के थे। मृतक के बड़े भाई धर्मेंद्र ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि कर्ज तले दबे उसके भाई आजाद ने आत्महत्या कर ली, लेकिन किसी प्रशासनिक अधिकारी ने उनके यहां आना भी गंवारा नहीं समझा। हल्का लेखपाल अभिलाष कुमार ने बताया कि मृतक किसान को अधिकारियों के निर्देश पर नियमानुसार सहायता राशि दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें