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कमरे की खिड़की गायब, कंबल भी नहीं मिलते

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शामली सीएचसी के महिला वार्ड की टूटी पडी खिडकी - फोटो : SHAMLI
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शामली। सीएचसी में महिला वार्ड की स्थिति को देखकर यही लगता है कि स्वास्थ्य विभाग महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कितना गंभीर है। सीएचसी में ठंड से बचाव के लिए बिजली के उपकरण ब्लोअर भी बंद मिले और एक कमरे में एक खिड़की गायब मिली। इसके अलावा महिला वार्ड में भर्ती मरीजों को कंबल भी सुविधा नहीं दी जा रही है।
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सोमवार को बारिश होने से दिन के तापमान में चार डिग्री की गिरावट आई है। रविवार को दिन का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस था। बारिश के बाद दिन का तापमान 14 डिग्री पहुंच गया। रात को भी तापमान गिरने की संभावना जताई गई है। ठंड से बच्चों को बचाने के लिए ऐहतियात बरतने की जरूरत है। सोमवार शाम सात बजे अमर उजाला टीम ने सीएचसी शामली के महिला वार्ड की पड़ताल की। महिला वार्ड में एक कक्ष में पांच और दूसरे कक्ष में तीन महिलाएं भर्ती मिली। किसी भी महिला के पास अस्पताल की तरफ से दिया जाने वाला कंबल नहीं मिला। सभी महिलाएं घर से लाए कंबल ओढ़े हुए मिली। वार्ड में भर्ती महिला के साथ मौजूद सुनीता निवासी चरण सिंह कालोनी ने बताया कि वे घर से ही कंबल लेकर आई हैं। अस्पताल से कंबल लेने के बारे में उनसे किसी ने नहीं पूछा। गांव टपराना निवासी मशकूर ने बताया कि वे घर से लाए कंबल को ओढ़कर ठंड दूर कर रहे हैं। अस्पताल की तरफ से कंबल देने के बारे में उनसे किसी ने नहीं पूछा। इसी वार्ड में भर्ती एक अन्य महिला के साथ आए आरिफ निवासी लाहौरी गेट शामली ने बताया कि वे घर से अपना कंबल लेकर आए है। उनसे अस्पताल की तरफ से कंबल देने के बारे में पूछा था, लेकिन वे पहले से ही घर से लेकर आए थे, इसलिए उन्होंने अस्पताल से कंबल लेने से मना कर दिया था।
महिला वार्ड में लगे ब्लोअर बंद मिले
ठंड से जच्चा-बच्चा के बचाव के लिए महिला वार्ड के दोनों कमरों में बिजली से चलने वाले ब्लोअर लगे हैं, लेकिन बंद थे। एक कमरे में दीवार पर लगे ब्लोअर का तार बीच में टूटा हुआ था। उसका कहीं कनेक्शन नहीं था। वार्ड में भर्ती मरीजों ने कहा कि दीवार पर लगे ये उपकरण बंद हैं लेकिन दरवाजे और खिड़की बंद रहने से ठंड नहीं लगती।
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एक कक्ष में लगी खिड़की गायब मिली
महिला वार्ड के एक कक्ष में लगे जंगले पर बाहर की तरफ जाली लगी थी, लेकिन अंदर की तरफ से एक हिस्से पर हवा रोकने को लगी खिड़की नहीं मिली। हवा रोकने के लिए पर्दा लगाया गया था।
कोट
सीएचसी में महिला वार्ड में ठंड से बचाव के लिए महिला मरीजों के लिए पर्याप्त मात्रा में कंबल उपलब्ध है। सीएचसी परिसर में बनाए गए रैन बसेरे में तीमारदारों के लिए अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था है। तीमारदार को अगर जरूरत है तो उसे भी कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है।ं महिला वार्ड में ठंड से बचाव के लिए बिजली से चलने वाले ब्लोअर लगाए गए है। अगर कहीं ब्लोअर बंद है तो उसकी जांच कराकर उसे चालू कराया जाएगा। - डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ।
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