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पेड़ों का कटान व बिजली के खंभों की शिफ्टिंग न होने से अटका पुल निर्माण

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शामली में मेरठ करनाल हाईवे का निर्माणाधीन बाईपास। - फोटो : SHAMLI
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शामली। पूर्वी यमुना नहर की पटरी के किनारे पेड़ों का कटान और बिजली के खंभों की शिफ्टिंग न होने से मेरठ-करनाल हाईवे के बाईपास पर पुल निर्माण में देरी हो रही है। निर्माण एजेंसी को वन विभाग से पेड़ों के कटान की अनुमति नहीं मिली है। पावर कारपोरेशन ने भी बिजली के खंभों की शिफ्टिंग नहीं की।
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मेरठ-करनाल हाईवे का शामली बाईपास टपराना से शुरू होकर सेवापुर, टिटौली, बधेव, मुंडेट कलां, गोहरनी और शामली के जंगल से होता हुआ अंबा विहार के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे में मिल रहा है। 10 किमी लंबाई इस बाईपास को शामली तहसील के पास क्रॉस जंक्शन से जोड़ना प्रस्तावित है। टपराना से लेकर बधेव गांव के पास तक छह किमी काला करने का काम पूरा कर लिया गया है। बधेव, मुंडेट कलां के जंगल में शामली बाईपास की जद में आ रही पूर्वी यमुना नहर पर चार लेन पुल के पिलर खड़े हो चुके है। पूर्वी यमुना नहर के किनारे के पेड़ और बिजली के खंभे आने से पुल निर्माण में देरी हो रही है।
मेरठ-करनाल के शामली बाईपास की निर्माण एजेंसी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सुनील कुमार ने बताया कि बाईपास का कार्य 31 दिसंबर तक पूरा होना है। मुंडेट, बधेव के जंगल में पूर्वी यमुना नहर पटरी किनारे 15 से लेकर 18 पेड़ और दो बिजली के खंभे आ रहे है। निर्माण एजेंसी को अभी तक पेड़ों के कटान की अनुमति न मिलने और बिजली के खंभों की शिफ्टिंग न होने से पुल निर्माण का कार्य अधर में लटका पड़ा है।
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