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औद्योगिक क्षेत्र का सीमा विस्तार प्रस्ताव डेढ़ वर्ष से लंबित

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शामली औद्योगिक क्षेत्र की सड़क। - फोटो : SHAMLI
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शामली। औद्योगिक क्षेत्र के सीमा विस्तार को डेढ़ वर्ष में भी कानपुर निदेशालय से स्वीकृति नहीं मिल पाई। नए औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और नाली समेत अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला उद्योग केंद्र के लिए भी यहां स्वीकृति नहीं मिली है।
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वर्ष 1983 में कैराना रोड पर कंडेला में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की गई थी। 28 सितंबर 2011 को शामली को नया जिला घोषित कर दिया गया था, लेकिन अभी तक भी यहां जिला उद्योग केंद्र तक स्थापित नहीं हुआ है। मुजफ्फरनगर के अधीन जिले का औद्योगिक क्षेत्र चल रहा है।
मुजफ्फरनगर से औद्योगिक क्षेत्र में प्रत्येक बुधवार को एक अधिकारी और एक कर्मचारी आते हैं। 39 साल के दौरान औद्योगिक क्षेत्र का अनियोजित विस्तार हुआ है। नए औद्योगिक में उद्यमी को सड़क, नालियां, अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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औद्योगिक संगठनों ने सीमा विस्तार की मांग दो साल पहले जिला उद्योग बंधु की बैठक में उठी थी। जिला प्रशासन ने औद्योगिक आस्थान का प्रस्ताव बनाकर जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से औद्योगिक निदेशालय कानपुर को डेढ़ साल पहले भिजवाया था। डेढ़ साल से यह प्रस्ताव लंबित है।
पिछले वर्ष ही हुआ 400 करोड़ का निवेश
पिछले कुछ वर्षों में शामली में निवेश तेजी से बढ़ा है। नई औद्योगिक इकाई स्थापित हुई हैं। पिछले वर्ष ही उद्यमियों ने 400 करोड़ से ज्यादा का निवेश यहां किया है। स्वीकृत औद्योगिक क्षेत्र पूरब और नवीन औद्योगिक क्षेत्र पश्चिमी दिशा की ओर विकसित हो गया है। स्वीकृत औद्योगिक क्षेत्र में 68 औद्योगिक इकाई और नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 72 औद्योगिक इकाई स्थापित हो गई हैं। सुविधाएं बढ़े तो जिले में निवेश और भी बढ़ सकता है।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी से मिलेंगे
उद्यमियों का संगठन आईआईए के चेयरमैन अनुज गर्ग व साईमा के चेयरमैन अंकित गोयल ने जिला उद्योग बंधु की बैठक में औद्योगिक सीमा विस्तार का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि नवीन औद्योगिक क्षेत्र को निदेशालय से स्वीकृति न मिल पाने से सड़क, पार्क, नालियां, नालों का निर्माण न होने से उद्यमियों और कर्मचारियों को सुविधा नहीं मिल पा रही है। औद्योगिक इकाई में खड़ंजा, सड़क न होने से बरसात में रास्तों पर पानी भर जाता है। यदि नवीन औद्योगिक क्षेत्र को निदेशालय से स्वीकृति मिल जाती तो सड़कें, नालियां, पार्क, नालों का निर्माण हो जाएगा। औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल नंदी से मिलकर औद्योगिक क्षेत्र का सीमा विस्तार कराने की मांग की जाएगी।
तीन जून के बाद सीमा विस्तार पर हो सकती है सुनवाई
शामली औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की पत्रावली शासन में कानपुर निदेशालय में लंबित है। तीन जून के बाद लखनऊ में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उद्यमियों की कार्यशाला के बाद पत्रावली पर कार्रवाई होने की उम्मीद है। नए जिलों में पदों की स्वीकृति नहीं हुई है। जिसके चलते अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रत्येक बुधवार को जिला उद्योग केंद्र मुजफ्फरनगर से अधिकारी व कर्मचारी आते हैं। - डॉ. बनवारी लाल, सहायक आयुक्त जिला उद्योग केंद्र
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