शामली। दिल्ली रोड स्थित बर्तन बनाने की फैक्टरी में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग के अधिकारी बताकर 50 हजार रुपये मांगने के मामले में उद्यमियों की ओर से दो तहरीर दी गई है। इसके आधार पर उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता संतोष कुमार की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मौके से पकड़े गए ऋषिराज मलिक और आबिद को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है।
उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर के सहायक अभियंता संतोष कुमार ने बताया कि शामली पहुंचने पर उन्हें आरोपियों के विरुद्ध एक शिकायती पत्र शामली इंडस्ट्रीयल इस्टेट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के सचिव अमित जैन ने और दूसरा शिकायती पत्र शामली ईंट निर्माता समिति के सचिव सुनील गोयल की तरफ से दिया गया। दोनों ने पकड़े गए आरोपियों पर पूर्व में भी अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। इसी के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपियों के बारे में उप्र प्रदूषण बोर्ड लखनऊ मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुजफ्फरनगर से जानकारी ली गई तो उनका कोई संबंध होना नहीं पाया गया।
ये था मामला
सुभाष जैन की बर्तन बनाने की फैक्टरी में सोमवार दोपहर को तीन लोगों ने पहुंचकर खुद को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन आयोग के अधिकारी होना बताते हुए फैक्टरी से प्रदूषण फैलाने की बात कही थी। मौके पर ऋषिराज मलिक दिलीप बिहार बड़ौत जिला बागपत व आबिद निवासी मोहल्ला बिसातयान कैराना को पकड़ लिया गया था जबकि जीशान निवासी मोहल्ला आर्यपुरी कैराना भागने में सफल रहा था। इस मामले में उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता संतोष कुमार व अवर अभियंता राजा गुप्ता ने शामली पहुंचकर आरोपियों से पूछताछ की।