बागपत। यूपी-हरियाणा सीमा विवाद का निस्तारण करने के लिए बागपत के अधिकारियों की मौजूदगी में पिलर लगाए जाएंगे। इसके लिए सोनीपत उपायुक्त ने बागपत डीएम को पत्र लिखा है। फैजपुर निनाना गांव के ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व टीम ने फैजपुर निनाना यमुना खादर का निरीक्षण भी किया।
फैजपुर निनाना गांव निवासी रोहित धनकड़, वीरपाल, सोनू समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि काफी समय से यूपी और हरियाणा के किसानों के बीच सीमा विवाद चल रहा है। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश पर सोनीपत प्रशासन की तरफ से यमुना खादर में सीमा तय करने के लिए पिलर लगाए जा रहे है, वहां पर जिले का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं थे। उन्होंने यूपी की सीमा में पिलर लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर काम बंद करा दिया था। उन्होंने एडीएम से पैमाइश के बाद ही पिलर लगवाने की मांग की। इस मामले में एसडीएम अविनाश त्रिपाठी का कहना है कि पिलर लगाने का कार्य बागपत के अधिकारियों की मौजूदगी में कराया जाएगा।
30 जून तक 173 पिलर लगाएगा सोनीपत प्रशासन
सोनीपत उपायुक्त की तरफ से डीएम को भेजे गए पत्र में बताया कि सीमा विवाद की समस्या का निस्तारण कराने के लिए चंडीगढ़ उच्च न्यायालय ने पिलर लगाने के आदेश दिए। इसमें 173 पिलर लगाने के लिए जींद की कंपनी को ठेका दिया गया है। अभी तक 30 पिलर लगाए जा चुके हैंं। जिनका सत्यापन सर्वे ऑफ इंडिया से करवाया जा चुका है। पत्र में सोनीपत उपायुक्त ने पिलर लगवाने के लिए अधिकारी को जिम्मेदारी देने की बात कहीं।
बंदोबस्त में यूपी और सर्वे में हरियाणा में चली गई जमीन
फैजपुर निनाना गांव के रोहित धनकड़ ने बताया कि वर्ष 2015 मेंं विवाद बढ़ने पर चकबंदी कराकर बंदोबस्त कराया गया था। उसमें गांव के किसानों की जमीन यूपी में होना बताया गया, लेकिन अब सर्वे में उसी जमीन को हरियाणा में होने का दावा कर पिलर लगाए जा रहे है। उन्होंने बता या कि राजस्व विभाग की जांच में कई पिलर सहीं लगे मिले, जबकि कुछ पिलर जगवीर, हरबंश, उम्मेद, मदन, विनोद, हरपाल के खेतों में लगे मिले। उन्होंने पहले रिकार्ड की जांच कराने की मांग की। साथ ही यमुना खादर में अधिकारियों के बजाय सिर्फ एक लेखपाल को भेजने पर नाराजगी भी जताई।