बाबरी (शामली)। गांव बंतीखेड़ा में पुलिस निरीक्षक के शव का राजकीय सम्मान के साथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। दस वर्षीय बड़े बेटे ने चिता केे मुखाग्नि दी। निरीक्षक की मौत से गांव में गम का माहौल बना रहा।
गांव बंतीखेड़ा निवासी अरविंद कुमार (44) जनपद मेरठ के थाना सरूरपुर में प्रभारी निरीक्षक के पद पर तैनात थे। शनिवार रात हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया था। रविवार सुबह उनका शव पैतृक गांव बंतीखेड़ा लाया गया। शव को देखकर पूरे परिवार में कोहराम मच गया। मां सावित्री सदमे में बार-बार बेहोश हो रही थी तो पत्नी सोनिया का रो-रोकर बुरा हाल था। श्मशान घाट पर निरीक्षक अरविंद कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राजकीय सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे आकर्ष ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान सीओ सरधना राजेंद्र प्रसाद शाही, सरूरपुर थाने के उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह, भीम प्रकाश, हर्रा के चेयरमैन गुलजार अली, जसड़ के प्रधान मतीन अहमद, जिला पंचायत सदस्य विपिन तालियान और बाबरी थानाध्यक्ष नेमचंद सिंह आदि मौजूद रहे। अंतिम संस्कार में जिले के किसी बड़े अधिकारी व सत्ता पक्षा के नेता के न पहुंचने पर ग्रामीणों में रोष रहा।
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बड़े बेटे ने पुलिस अधिकारी बनने की जताई इच्छा
पीरिजनों के मुत़ाबिक निरीक्षक अरविंद कुमार करीब सात माह से सरूरपुर थाने पर तैनात थे। उनकी पत्नी सोनिया और दो बेटे 10 वर्षीय आकर्ष और छोटा छह वर्षीय इसित वहीं पर साथ में रह रहे थे। आकर्ष ने बड़ा होकर पुलिस विभाग में अधिकारी बनने की इच्छा जताई। छोटा बेटा इसित बार-बार अपने पापा को याद करता रहा जिसे परिजन दिलासा देते हुए उसे चुप करने की कोशिश करते रहे। ग्रामीणों के मुताबिक निरीक्षक अरविंद कुमार नेक दिल मिलनसार इंसान थे। हंसमुख स्वभाव के साथ जरूरतमंद लोगों की मदद करते थे।
बाबरी क्षेत्र के गांव बन्तीखेडा निवासी इस्पैक्टर अरविन्द कुमार का फाइल फोटो- फोटो : SHAMLI
बाबरी क्षेत्र के गांव बन्तीखेडा में विलाप करते परिजन- फोटो : SHAMLI
बाबरी क्षेत्र के गांव बन्तीखेडा मृतक इस्पैक्टर अरविन्द कुमार के आवास पर सांत्वना देने पहुचे लो?- फोटो : SHAMLI
बाबरी क्षेत्र के गांव बन्तीखेडा मृतक इस्पैक्टर अरविन्द कुमार के शव को अंतिम संस्कार के लिये जा?- फोटो : SHAMLI
बाबरी क्षेत्र के गांव बन्तीखेडा में श्मशान घाट पर मुखाग्नी देता मृतक का पुत्र- फोटो : SHAMLI