शामली। मोबाइल एप से ई-रिक्शा लॉक होने से चालकों की नींद उड़ी है। रिक्शा चालकों का कहना है कि इस समस्या से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट बना हुआ है। सवारियों को बीच रास्ते में उतारना पड़ता है। हैकरों द्वारा 500 से ज्यादा ई-रिक्शाें के लॉक होना बताया गया है। उन्होंने अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग की।
शुक्रवार को भी कई स्थानों पर ई-रिक्शा लॉक होने के कारण चालक परेशान दिखाई दिए। चालकों ने बताया कि उन्होंने ई-रिक्शा किराए पर ली है। ई रिक्शा लॉक होने पर उसे अनलॉक कराने पर 200 रुपये तक खर्च हो रहे हैं। इससे एक तो उनकी कमाई बंद हो जाती है और ऊपर से अनलॉक कराने में खर्चा होने से दोहरी मार पड़ रही है।
बताया कि बैट बीएमएस नाम वाले चीन के एप से ब्लूटूथ के माध्यम से कनेक्ट कर बैटरी का करंट बंद कर दिया जाता है। शरारती तत्व इस एप का दुरुपयोग कर चालकों के लिए समस्या खड़ी कर रहे हैं। उधर, ई रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि उनके पास शुक्रवार को भी कई ई रिक्शा चालकों के फोन आए हैं, जिसमें उन्होंने बताया कि बाइक सवार युवक ई रिक्शा के बराबर में आकर ई रिक्शा लॉक कर रहे हैं। नाला पटरी पर ई-रिक्शा चालकों ने संदेह होने पर बाइक सवार दो युवकों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे मौके से भाग गए। शनिवार को इस मामले में पुलिस से शिकायत की जाएगी।
गांव लालूखेड़ी निवासी फूल कुमार ने बताया कि ई रिक्शा लॉक होने की समस्या तीन दिन से चल रही है। इस पर अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए ताकि उनकी रोजी-रोटी प्रभावित न हो सके। शामली निवासी साजिद ने बताया कि तीन दिन पहले उसके साथी की चलते हुए ई रिक्शा लॉक हो गई थी। दुकान पर 200 रुपये देकर लॉक खुलवाया गया था।
इस समस्या का समाधान होना चाहिए। गांव गोहरपुर निवासी सुशील व जलालपुर निवासी देवी सिंह ने बताया कि जिन ई रिक्शा में लिथियम वाली बैटरी है, उनमें यह समस्या आ रही है। इन बैटरी को एप से कनेक्ट किया है, जिससे बैटरी की चार्जिंग, करंट व अन्य तकनीकी खराबी का पता चलता है लेकिन कुछ युवक इसका एप का दुरुपयोग कर उनके लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं।