शामली। मोहल्ला कांबोज कॉलोनी निवासी माधव गोयल (14) आंखों पर पट्टी बांधने के बावजूद न सिर्फ किताब और अखबार पढ़ लेता है, बल्कि मोबाइल गेम खेलना, शतरंज में सटीक चाल चलना, साइकिल चलाना और स्केटिंग भी बखूबी कर रहा है। उसकी इस अद्भुत क्षमता को देखने के लिए लोग खुद उसके घर पहुंच रहे हैं। थर्ड आई एक्टिवेशन प्रशिक्षण के बाद जनपद से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर उच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्र माधव को 26 मई को दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। संवाद
आठ वर्षों के अभ्यास से विकसित हुई असाधारण क्षमता
छात्र के पिता विशाल गोयल और माता डॉ. रीमा गोयल ने बताया कि माधव कक्षा दो से ही आगरा के प्रशिक्षक से थर्ड आई एक्टिवेशन का प्रशिक्षण ले रहा है। लगभग आठ वर्षों के निरंतर अभ्यास के बाद उसकी मानसिक क्षमता इतनी विकसित हो गई है कि वह आंखों पर पट्टी बांधकर भी पढ़ने और खेलने जैसे कार्य आसानी से कर लेता है।
मां बनी प्रेरणा, घर से मिला पूरा सहयोग
माधव की मां डॉ. रीमा गोयल, जो शिक्षा शास्त्र में पीएचडी हैं, स्वयं भी थर्ड आई एक्टिवेशन का प्रशिक्षण ले चुकी हैं। उन्होंने बताया कि बीच-बीच में वह बेटे को अभ्यास कराती रहती हैं। पिता विशाल गोयल मेडिकल स्टोर का संचालन करते हैं और बेटे की प्रतिभा को निखारने में पूरा सहयोग दे रहे हैं।
अब राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान
माधव को वर्ष 2020 में सेंट फ्रांसिस स्कूल द्वारा बेस्ट माइंड अवॉर्ड मिल चुका है। इसके अलावा हापुड़ और नोएडा में आयोजित शतरंज प्रतियोगिताओं में आंखों पर पट्टी बांधकर खेलते हुए वह पदक भी जीत चुका है।
क्या है थर्ड आई एक्टिवेशन प्रशिक्षण
मनोचिकित्सक डॉ. अरुण राय के अनुसार थर्ड आई एक्टिवेशन एक मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है, जिसमें ध्यान, प्राणायाम और एकाग्रता के जरिए भौंहों के बीच स्थित आज्ञा चक्र को सक्रिय किया जाता है। इस प्रशिक्षण में बच्चों को आंखों पर पट्टी बांधकर रंग पहचानना, सूई में धागा डालना और किताब पढ़ने, शतरंज खेलने जैसे अभ्यास कराए जाते हैं, जिससे उनकी स्मरण शक्ति और एकाग्रता में वृद्धि होती है।
छात्र माधव गोयल लाल ड्रेस में माता-पिता और बहन के साथ। परिजन