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मशीन से वितरण फिर भी कालाबाजारी

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पॉश मशीन से वितरण फिर भी कालाबाजारी
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शामली। राशन वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी के बावजूद कालाबाजारी जोरों पर है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि बिना ई-पॉस मशीन के किसी को राशन का वितरण नहीं किया जाता। इसके बावजूद राशन की कालाबाजारी आम हो गई है।
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जिले में दो लाख 20 हजार 186 राशन कार्ड धारक हैं। पांच किलोग्राम प्रति यूनिट की दर से इन कार्डों पर राशन का वितरण किया जाता है। नौ लाख 20 हजार उपभोक्ताओं के लिए एक माह में 46 हजार क्विंटल खाद्यान्न की जरूरत होती है। लॉकडाउन में दस किलो प्रति यूनिट का वितरण हो रहा है इसलिए करीब 92 हजार क्विंटल राशन वितरण के लिए मिलता है। जिला पूर्ति अधिकारी ओम हरि उपाध्याय का कहना है कि खाद्यान्न का वितरण ई-पॉस मशीन से किया जाता है। जिस कार्ड धारक की बायोमेट्रिक पहचान नहीं हो पाती उसे राशन नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि बिना ई-पास मशीन के किसी को भी खाद्यान्न नहीं दिया जाता। इसलिए कालाबाजारी होने की संभावना नहीं है। राशन वितरण की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन है।
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राशन व्यवस्था एक नजर में...
कुल राशन कार्ड : 220186
कुल उपभोक्ता : 920000
राशन की दुकानें : 254
खाद्यान्न वितरण : 5 किलो प्रति यूनिट
प्रतिमाह राशन वितरण (लॉकडाउन से): लगभग 92 हजार क्विंटल
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