शामली कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता
राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर को अवैध रुप से हिरासत में लेने, यात्रा में प्रतिबंध लगाने को लेकर भड़के कार्यकर्ता, मुकदमा वापस लेने की मांग
शामली। भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट पर कोलम्बो में जाने से रोकने और अवैध रुप से हिरासत में लिए जाने के विरोध में कलक्ट्रेट में भाकियू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीएम रविंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार पर किसानों को अपमानित करने का आरोप लगाया। किसानों के समझौते के मुताबिक, दिल्ली आंदोलन में दर्ज मुकदमों को भी वापस लिए जाने की मांग की।
सोमवार को सयुंक्त किसान मोर्चा और भाकियू टिकैत के कार्यकताओं ने संयुक्त रूप से कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए डीएम रविंद्र सिंह को अपनी मांगो को ज्ञापन सौंपा। केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे बाजी की। डीएम के नाम ज्ञापन में भाकियू कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव युद्धवीर को गत 29 नवंबर को दिल्ली मे इदिरागांधी हवाई एयरपोर्ट पर दिल्ली आदोलन का आरोपी मानकर अवैध रुप से हिरासत में लिया गया था। केंद्र सरकार ने भेदभाव का आरोप लगाकर कोलंबो में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। हालांकि, किसानों के विरोध के चलते दिल्ली पुलिस को उन्हें रिहा करना पड़ा। इसी प्रकार हरियाणा के रोहतक के भाकियू नेता वीरेंद्र सिंह हुड्डा 26 नवंबर 2020 में नोटिस जारी किया गया। भाकियू प्रभारी अधिकारी अर्जुन बालियान को सात दिसंबर 2022 को नेपाल जाने से रोक दिया गया था। उन्होंने ग़ृहमंत्री अमित शाह से लुक आऊट नोटिस को सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाकियू नेता कपिल खाटियान, भाकियू के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष कालेंद्र मलिक, थांबेदार श्याम सिह , किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक, जयपाल मलिक कुडाना, भाकियू युवा के जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी, देवराज पहलवान, गुडडुू ,गयूर, उपेंद्र सिंह मलिक, ऋषिपाल सिंह, ओमपाल सैनी, सचिन खोडसमा, अशोक केरटू, अरविंद खोडसमा, सुशील सैनी, जयवीर सिंह कार्यकर्ता मौजूद रहे।