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मतगणना: कैराना सीट पर रहा है भाजपा का दबदबा, इस बार कैसी टक्कर देंगी इकरा हसन? कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दाव पर

Mon, 03 Jun 2024 08:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

दो दिन बाद लोकसभा चुनाव का परिणाम आ आएगा। कैराना लोकसभा सीट पर वर्ष 1962 से लेकर अब तक 16 बार चुनाव हो चुका है। जिसमें भाजपा का दबदबा रहा है।
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प्रदीप चौधरी, श्रीपाल राणा, इकरा हसन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो दिन बाद लोकसभा चुनाव का परिणाम आ आएगा। कैराना लोकसभा सीट पर वर्ष 1962 से लेकर अब तक 16 बार चुनाव हो चुका है। जिसमें भाजपा का दबदबा रहा है। भाजपा ने इस सीट पर अब तक तीन बार जीत दर्ज की है जबकि कांग्रेस दो और सपा दो, जनता दल दो बार जीत दर्ज कर चुकी है।

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कैराना लोकसभा सीट वर्ष 1962 में अस्तित्व में आई थी। यहां पर अब तक 15 और एक उपचुनाव हो चुका है। इस सीट पर सबसे पहले वर्ष 1962 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में यशपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने 134581 मत प्राप्त किए थे। इस सीट पर भाजपा तीन, कांग्रेस दो और सपा दो बार जीत दर्ज कर चुकी है। जनता दल भी इस सीट पर दो बार जीत दर्ज कर चुकी है।

वर्तमान में ये सीट भाजपा के कब्जे में है। यहां से भाजपा के प्रदीप चौधरी ने 2019 में सपा की तबस्सुम बेगम को हराकर चुनाव जीता था। सत्ता में वापसी की टकटकी लगाए बैठी कांग्रेस 2019 में भी इस सीट पर बुरी तरह हार गई थी। कांग्रेस के हरेंद्र मलिक तीसरे स्थान पर रहे थे।

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इस बार इस सीट पर भाजपा ने दोबारा से सांसद प्रदीप चौधरी को मैदान में उतारा है वहीं सपा ने हसन परिवार की बेटी इकरा हसन और बसपा ने श्रीपाल राणा को मैदान में उतारा । इस बार कैराना लोकसभा सीट पर 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। चार जून को मतगणना के बाद ही इनके भविष्य का फैसला होगा।

भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी के लिए दोबारा चुनाव जितना चुनौतीपूर्ण होगा तो वहीं सपा प्रत्याशी इकरा हसन भी चुनाव जीतकर परिवार की साख को बचा पाएगी या नहीं यह भविष्य के गर्भ में है। बसपा प्रत्याशी श्रीपाल राणा पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं, इनके लिए भी डगर चुनौती से कम नहीं है।

 

कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
भाजपा और रालोद का इस बार गठबंधन है। भाजपा के पूर्व विधायक तेजेंद्र सिंह निर्वाल, रालोद विधायक अशरफ अली, पूर्व विधायक राव वारिस, एमएलसी वीरेंद्र सिंह की प्रतिष्ठा जहां दांव पर लगी है। वहीं सपा से विधायक नाहिद हसन, जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, कैराना लोकसभा प्रभारी प्रो. सुधीर पंवार और बसपा से जिला प्रभारी सुनील जाटव, जिलाध्यक्ष सुशील नहारिया की प्रतिष्ठा दांव पर हैं। सभी ने अपने अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए चुनाव में पूरा जोर लगाया। अब देखना यह है कि कौन प्रत्याशी जीत दर्ज कर पाता है।
कैराना सीट का इतिहास

 
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चुनाव वर्ष विजयी प्रत्याशी पार्टी
1962 यशपाल सिंह निर्दलीय

1967 गय्यूर अली खान सोशलिस्ट पार्टी (एसएसपी)
1971 शफक्कत जंग कांग्रेस

1977 चंदन सिंह बीएलडी
1980 गायत्री देवी जनता पार्टी (एस)

1984 चौधरी अख्तर हसन कांग्रेस
1989 हरपाल पंवार जनता दल

1991 हरपाल पंवार जनता दल
1996 मुनव्वर हसन सपा

1998 वीरेंद्र वर्मा भाजपा
1999 अमीर आलम रालोद

2004 अनुराधा चौधरी रालोद/सपा
2009 तबस्सुम हसन बसपा

2014 हुकुम सिंह भाजपा
2018 तबस्सुम हसन रालोद/सपा
2019 प्रदीप चौधरी भाजपा

कैराना लोकसभा चुनाव परिणाम 2019
पार्टी प्रत्याशी वोट


बीजेपी प्रदीप चौधरी 566961
सपा तबस्सुम हसन 474801
कांग्रेस हरेंद्र मलिक 69355
कैराना लोकसभा में विस सीट
शामली, कैराना, थानाभवन, नकुड़ और गंगोह।

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