शामली। भाजपा प्रत्याशी पक्ष के नौ सदस्य एक साथ वोट डालने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे, इनमें से आठ के साथ सहायक था। जबकि भाजपा प्रत्याशी मधु पहले ही मतदान स्थल पर मौजूद थीं। सपा-रालोद नेताओं ने आरोप लगाया कि सहायकों के अलावा भी कई लोग मतदान स्थल में गए। उन्होंने सदस्यों पर दबाव डालकर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराया। मतदान के बाद डीएम और एसपी ने कलक्ट्रेट के बाहर आकर सपा-रालोद नेताओं से बात की। लिखित में आपत्ति देने के बाद सभी लोग प्रत्याशी के साथ चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा कर चले गए।
सपा-रालोद प्रत्याशी समेत उनके पक्ष के नौ सदस्य एक साथ 11 बजे ही कलक्ट्रेट पहुंचकर वोट डाल चुके थे। नेताओं का कहना था कि उनके पक्ष के दो सदस्य बाद में वोट डालेंगे। भाजपा पक्ष के सदस्यों के आने से पहले ही सपा-रालोद नेता कलक्ट्रेट के बाहर आकर हंगामा करने लगे। सपा नेता शेर सिंह राणा, अनिल टीनू ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष के आठ सदस्यों को प्रशासन ने नियम विरुद्घ सहायक उपलब्ध कराए हैं। कुछ देर बाद ही पुलिस ने उन्हें धकेलते हुए बनत की ओर लगे बैरियर से पीछे कर दिया। थोड़ी ही देर में भाजपा समर्थित नौ सदस्य कलक्ट्रेट पहुंच गए, जबकि प्रत्याशी पहले ही मौजूद थी।
इनमें से आठ सदस्यों के साथ सहायक थे। मतदान के बाद डीएम जसजीत कौर और एसपी सुकीर्ति माधव ने कलक्ट्रेट के बाहर पहुंचकर रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र सिंह, पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल व सपा नेताओं से बात की। नेताओं ने आरोप लगाया कि उनके पक्ष के सदस्यों के वोट डालने के बाद मात्र दस सदस्य बचे थे, लेकिन जब ये सदस्य मतदान करने पहुंचे तो संख्या 20-22 थी। सहायकों के रूप में गए बाहरी लोगों ने दबाव डालकर मतदान कराया है। इसके बाद सपा-रालोद नेताओं ने अपनी प्रत्याशी को बाहर बुला लिया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए शेर सिंह राणा, अनिल टीनू आदि ने कहा कि जिले में लोकतंत्र की हत्या हुई है। दूसरे पक्ष के पीएचडी और परास्नातक डिग्री धारकों को भी सहायक उपलब्ध कराए गए, ताकि उन पर दबाव बनाकर अपने पक्ष में मतदान कराया जा सके। उन्होंने निर्वाचन आयोग को मामले की शिकायत भेज दी है। प्रत्याशी अंजलि ने कहा कि दूसरे पक्ष के 20 से ज्यादा लोग मतदान स्थल पर थे। उन्होंने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा करते हुए प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया।
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नियमानुसार उपलब्ध कराए गए सहायक
डीएम जसजीत कौर ने वार्ता के दौरान सपा-रालोद नेताओं से कहा कि प्रत्याशी मधु पक्ष को नियमानुसार सहायक दिए गए हैं। मेडिकल और अन्य जरूरी रिपोर्ट के आधार पर ही सहायक दिया गया। प्रत्याशी अंजलि की ओर से केवल एक मतदाता के लिए सहायक की मांग की थी, जिसकी उन्हें अनुमति दी गई थी।