जिले की 22 ग्राम पंचायतों में डेढ़ साल से जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पाने से यहां के लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2019 में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जा चुकी है। 22 ग्राम पंचायतों का आईडी-पासवर्ड जारी नहीं होने से प्रमाणपत्र नहीं बन रहे हैं। जिलास्तर से बार-बार शासन को पत्र लिखा जा रहा है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा।
पिछले साल 2019 में सीआरएस पोर्टल पर जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डाटा अपलोड करने की व्यवस्था शुरू की गई थी, ताकि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन बनाए जा सकें। शासन ने आवासीय जन्म-मृत्यु पंजीकरण शत प्रतिशत करने के लिए सभी जिलों में एक अक्तूबर से 30 अक्तूबर तक अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
हालांकि पंजीकरण का कार्य पूरा नहीं होने पर इसे बढ़ाकर 15 दिसंबर तक कर दिया गया है। जनपद में भी पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन जिले की कैराना तहसील के आठ गांव, ऊन तहसील का एक और शामली तहसील के 13 गांव यानि कुल 22 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जहां पर जन्म-मृत्यु का डाटा सीआरएस पोर्टल पर अपलोड नहीं हो रहा है।
इसकी वजह यह है कि शासन से अभी तक इन ग्राम पंचायतों को पोर्टल संचालन के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड जेनरेट नहीं हो सके हैं। इस वजह से इन गांवों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र ऑनलाइन नहीं बन पा रहे हैं। इसके अलावा ऊन ब्लाक की ग्राम पंचायत कमालपुर का पासवर्ड भी अभी तक रिसेट नहीं हो सका है। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि 22 ग्राम पंचायतों में सीआरएस पोर्टल के संचालन के लिए आईडी, पासवर्ड शासन स्तर से जेनरेट नहीं होने के कारण पिछले साल से जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डाटा अपलोड नहीं हो रहा है। आईडी और पासवर्ड जनरेट कराने के लिए शासन को अवगत कराया जा चुका है।
ये हैं आईडी पासवर्ड से वंचित गांव
शामली तहसील के गांव ख्वाजपुर, सल्फा, हुरमजपुर, ताहिरपुर भभीसा, डांगरोल, सुन्ना, नाला, भारसी, कनियान, तितारसी, जानीपुर, नागल, दभेड़ी, कैराना तहसील के गांव मलकपुर, खंदरावली, गुज्जरपुर, मवी एहतमाम तिमाली, मन्ना माजरा, शेखपुरा, युसुफपुर उर्फ चौतरा, कबीरपुर और ऊन ब्लाक का गांव हरसाना।
जिले की कुछ ग्राम पंचायतों के सीआरएस पोर्टल संचालन के लिए शासन स्तर से आईडी और पासवर्ड जेनरेट नहीं हुए है, जिस कारण जन्म-मृत्यु पंजीकरण का डाटा अपलोड नहीं हो रहा है। उन ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं। इस बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही सभी गांवों में पोर्टल चालू होने की उम्मीद है।
- डा. वीबी ढाका, सीएमओ