शामली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अब फर्जीवाड़ा नहीं किया जा सकेगा। इस योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने वर-वधू के लिए विवाह से पहले बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।
इससे पात्र लाभार्थियों की सही पहचान हो सकेगी। यदि कोई व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका होगा तो उसकी जानकारी भी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में पहले फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार जांच में ऐसे मामले भी पकड़े गए हैं। इस प्रकार की गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अब वर-वधू के आधार का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। विवाह स्थल पर भी दोनों की उपस्थिति बायोमीट्रिक माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसके बाद ही योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा। संवाद