शामली। मेरठ-करनाल मार्ग पर स्थित बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। अब केवल ओवर ब्रिज के एस्टीमेट का इंतजार है। रेलवे के ऐस्टीमेट आने के बाद उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा शासन से धनराशि मांगी जाएंगी।
मेरठ-करनाल मार्ग फोरलेन होने से शहर में जाम की स्थिति बन गई है। जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शहर के बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर ओवर ब्रिज की कवायद शुरू की गई।
ओवरब्रिज निर्माण के लिए पहले मौके पर कम भूमि उपलब्ध थी। ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए आठ मीटर भूमि के लिए शामली चीनी मिल को राजी किया गया। नगर पालिका परिषद से दस लाख की लागत से नाला निर्माण और दस लाख रुपये बिजली लाइन खंभों का एस्टीमेट तैयार कराया गया। ओवर ब्रिज के लिए वन विभाग पेड़ों का अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर चुका है। उत्तर प्रदेश सेतु निगम शहर के बुढ़ाना रोड़ रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवर ब्रिज का गाजियाबाद की एक प्राइवेट कंपनी से डिजाइन तैयार करा चुका है।
उत्तर प्रदेश सेतु निगम मेरठ के परियोजना प्रबंधक सतीश कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा ओवर ब्रिज का 37 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया। जिसमें 15 करोड़ रुपये शामली चीनी मिल, दस-दस लाख रुपये शामली नगर पालिका परिषद, बिजली खंभे और तारों के बदलने का प्रोजेक्ट शामिल है।
अब ओवर ब्रिज के संबंध में सिर्फ रेलवे के एस्टीमेट का इंतजार है। रेलवे का एस्टीमेट आने के बाद कुल एस्टीमेट तैयार करके उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया जाएगा। ओवर ब्रिज दो लेन का बनाया जाएगा। इसके दोनों ओर चार- चार मीटर की सर्विस लेन बनाई जाएगी।
बता दें कि बुढ़ाना रोड रेलवे फाटक पर प्रस्तावित ओवर ब्रिज का रेलवे अधिकारियों की टीम स्थलीय दौरा कर चुकी है। उत्तर प्रदेश योजना आयोग के सदस्य सुधीर पंवार ने बताया कि उत्तर प्रदेश सेतु निगम का शामली में बनने वाले ओवर ब्रिज का एस्टीमेट के संबंध में मुख्यमंत्री से मिलकर बजट स्वीकृत कराने का काम किया जाएगा। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने बताया कि शामली में प्रस्तावित ओवरब्रिज में धनराशि की कमी नहीं आने दी जाएगी।