पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के जवान प्रदीप कुमार के शहीद होने पर पूरा बनत कस्बा गम में डूबा रहा। गलियां सुनसान रही और घरों में चूल्हे तक नहीं जले। दिनभर लोग शहीद के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार करते रहे। डीएम और एसपी ने शहीद के घर पहुंचकर परिजनों को दुख की इस घड़ी में ढांढस बंधाया।
बृहस्पतिवार रात को बनत निवासी सीआरपीएफ की 21 बटालियन के जवान प्रदीप कुमार के शहीद होने की खबर मिली तो पूरा कस्बा गम में डूब गया। दूसरे दिन शुक्रवार को भी हर तरफ कस्बे में गम का माहौल बना रहा। हर किसी के चेहरे पर जवान के शहीद होने का गम साफ झलक रहा था। अन्य दिनों में चहल-पहल वाली गलियां सूनी पड़ी रही। गलियों में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। कस्बे के बाजार में भी रौनक गायब रही। गम के माहौल में लोगों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। शहीद परिवार के गम में शरीक होने के लिए लोग उनके आवास पर पहुंचते रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव कुमार और वार्ड सभासद और गणमान्य लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर दुख व्यक्त किया। सुबह डीएम अखिलेश सिंह और एसपी अजय कुमार भी शहीद के आवास पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें दुख की इस घड़ी में हर तरह से उनके साथ होने का भरोसा दिलाया। साथ ही शोक संवेदना व्यक्त की। लोग दिनभर शहीद के पार्थिव शरीर के पहुंचने की इंतजार में बैठे रहे। कस्बा निवासी सतबीर और श्रीनिवास आदि ने बताया कि जवान के शहीद होने का गम कस्बे के सभी लोगों को है। कस्बा वासियों में गम के साथ आतंकवादियों के हमले को लेकर गुस्सा भी रहा। कस्बे के इकराम अली, रणबीर सिंह, मनीत कुमार आदि ने एक सुर में आतंकी हमले का बदला लेने की सरकार से जोरदार मांग की।