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पॉलिथीन के निर्माण पर ही रोक लगाने की वकालत

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पॉलिथीन के निर्माण पर ही रोक लगाने की वकालत
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शामली। शासन के आदेश के बावजूद पॉलिथीन पर जिले में पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं लग पा रहा है। व्यापारियों ने केंद्र और प्रदेश सरकार से पॉलिथीन के निर्माण पर ही रोक लगाने की मांग की है। व्यापारियों ने कहा कि केवल छोटे व्यापारियों को परेशान करना ठीक नहीं है।
पिछले साल 15 अगस्त 2018 को शासन ने प्रदेशभर में पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। इसके लिए शासनादेश भी जारी कर दिया गया था। साथ ही दो अक्तूबर 2018 से पॉलिथीन के साथ थर्माकोल से बनी डिस्पोजल क्राकरी को भी पूरी तरह प्रतिबंधित करने की घोषणा की थी। शासन ने सभी जिलों में पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाकर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। शासन के आदेशों को जारी हुए लगभग एक साल होने जा रहा है, लेकिन अभी तक शामली में पॉलिथीन पर रोक नहीं लग सकी है।
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क्या कहते हैं व्यापारी-दुकानदार
दवा व्यापारी विजय गुप्ता का कहना है कि पालिका और प्रशासन की टीम छोटे दुकानदारों को पॉलिथीन को लेकर परेशान करती है। शासन-प्रशासन को पॉलिथीन के बनाने पर रोक लगानी चाहिए।
फल विक्रेेता शकील दुकानदार का कहना है कि शासन को कुछ ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि पॉलीथिन या थर्माकोल से बनी डिस्पोजल क्राकरी बाजार में ही न पहुंचे। जब वह बाजार में नहीं आएगी तो इस स्वत: ही रोक लग जाएगी। इसके लिए किसी अभियान की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
रेडीमेड गारमेंट व्यापारी राजीव संगल का कहना है कि पॉलिथीन को बंद करने का जो अभियान चलाया जाता है, उसमें दुकानदारों का शोषण हो रहा है। शासन-प्रशासन को पॉलिथीन बनाने पर ही रोक लगा देनी चाहिए। इस समस्या का खुद ही समाधान हो जाएगा।
छोटे दुकानदार और ठेले वालों से थोड़ी बहुत पॉलिथीन मिल जाती है तो उस पर जुर्माना लगा दिया जाता है। अधिकारियों को छोटा या बड़ा सभी पर एक समान कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसा न हो कि छोटे दुकानदारों को ही परेशान किया जाए।
किराना व्यापारी अमरीश बंसल का कहना है कि पॉलिथीन का निर्माण करने वाली कंपनियों पर ही रोक लगा देनी चाहिए। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
पालिका का दावा, 80 हजार जुर्माना वसूला
नगरपालिका और प्रशासन का दावा है कि शासनादेश के अनुसार पॉलिथीन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक आदेश कुमार सैनी ने बताया कि पिछले करीब छह माह में पॉलिथीन बरामद होने या बिक्री करते हुए मिलने वालों से लगभग 80 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जा चुका है। दुकानों से पॉलिथीन भी बरामद की गई है। पॉलिथीन के इस्तेमाल न करने के लिए पालिका की तरफ से समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया है।
पर्याप्त पुलिस बल न मिलना अभियान में बाधा
पालिका अधिकारियों का कहना है कि पुलिस बल समय पर न मिलने के कारण पॉलिथीन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने में बाधा आती है। बाजार में बिना पुलिस के पुलिस टीम जाती है तो व्यापारी विरोध करते हैं और अभद्रता करते हैं। पुलिस कभी मिलती है तो कभी नहीं मिलती।
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कोट
पॉलिथीन और डिस्पोजल बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इस पर रोकथाम के लिए पालिका की तरफ से लगातार अभियान चलाकर पॉलिथीन जब्त करने के साथ ही जुर्माना वसूल करने की कार्रवाई की जा रही है। काफी हद तक इस पर रोक भी लगी है।
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सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका।
सरकार के पर्यावरण और स्वच्छता के लिए पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन उनकी मांग है कि इस मामले में व्यापारियों पर अंकुश लगाने से पहले पॉलिथीन का निर्माण बंद कराया जाए। जब निर्माण नहीं होगा तो व्यापारी इसका इस्तेमाल ही नहीं करेंगे। इस संबंध में संगठन की तरफ से दस दिन पहले सभी जिलों में डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए गए हैं।
-घनश्यामदास गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल।
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