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Shamli News: बस में पटाखों से भरे बैग में लगी आग, सात श्रमिक झुलसे

Sat, 11 Nov 2023 11:09 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। मेरठ-करनाल हाईवे पर गांव पटनी परतापुर के पास प्राइवेट बस में जा रहे एक श्रमिक के बैग में रखे पटाखों में आग लग गई। आग लगने से बस में सवार सात श्रमिक झुलस गए। चालक ने झुलसे श्रमिकों को सीएचसी शामली में भर्ती कराया। गंभीर हालत में झुलसे दो श्रमिकों को मेरठ मेडिकल रेफर किया गया। बस जालंधर से बहराइच जा रही थी। इसमें करीब 65 श्रमिक सवार थे, जो दीपावली पर घर जा रहे थे।
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पंजाब के जालंधर से प्राइवेट बस में करीब 65 श्रमिक बहराइच जा रहे थे। रात में करीब दो बजे बस मेरठ-करनाल हाईवे पर झिंझाना थानाक्षेत्र में गांव पटनी परतापुर के पास एक ढाबे के निकट रुकी तो उस समय बस से धुआं निकलता दिखाई दिया। चालक अजय सिंह ने समझा कि इंजन की वायरिंग से धुआं निकल रहा था, लेकिन जांच करने पर वायरिंग ठीक मिली। इसी दौरान बस में सवार एक श्रमिक के थैले में रखे पटाखों में आग लग गई। आग लगते ही बस में सवार श्रमिकों में चीख पुकार व अफरातफरी मच गई। आनन फानन में बस से सभी श्रमिको को बाहर निकाला गया लेकिन जब तक पटाखों में लगी आग से आसपास बैठे सात श्रमिक सर्वेश कुमार (22), रामगोपाल (42), विष्णु (20), मंजिल (25) निवासी लखीमपुर खीरी, धर्मचंद्र (19), सुनील (19) निवासी बहराइच और अंकित (18) निवासी सीतापुर झुलस गए। इसके बाद चालक बस को लेकर शामली पहुंचा और झुलसे श्रमिकों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने गंभीर रूप से झुलसे सर्वेश व रामगोपाल को मेरठ मेडिकल रेफर कर दिया। उपचार कराने के बाद सभी श्रमिक बस में सवार होकर अपने घर के लिए रवाना हो गए। इस मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई।
डायल 112 की कॉल नहीं हुई रिसीव
बस चालक अजय सिंह ने बताया उन्होंने जब पटाखों को जलते हुए देखा तो आग लगे हुए बैग को बस से उठाकर बाहर फेंक दिया था, वरना बस में भी आग लगने से बड़ा हादसा हो सकता था। चालक का कहना है कि उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को कॉल की लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद एंबुलेंस को कॉल की, लेकिन वह नंबर भी नहीं मिल सका। इसके बाद उसने बस को पूरी तरह चेक किया और सभी श्रमिकों को बस में लेकर शामली एक प्राइवेट अस्पताल में पहुंचा। वहां पर डाक्टर न होना बताया गया। इसके बाद वह सरकारी अस्पताल में पहुंचा। वहां पर डाक्टरों ने श्रमिकों का उपचार किया। दो श्रमिकों को मेरठ मेडिकल रेफर किया गया, लेकिन परिजन उन्हें घर ले गए। चालक का कहना है कि पटनी परतापुर टोल प्लाजा के निकट कुछ अधिकारियों ने बस को चेक करने के लिए रुकवाया था। अगर चलती बस में आग लगती तो ज्यादा लोग आग में झुलस सकते थे। इस घटना के बाद अधिकारी वहां से चले गए थे।
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