शामली। आयुष मलिक को बंधक बनाकर रखने के आरोपों के बीच बुधवार को उसके पिता देवराज मलिक भी हाईकोर्ट में मौजूद रहे। देवराज मलिक ने इन आरोपों को गलत बताया।
देवराज मलिक ने बताया कि अदालत के समक्ष आयुष के दुकान पर काम करने के दौरान की सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य पेश किए गए हैं। उनका कहना है कि आयुष को बंधक बनाकर रखने की बात पूरी तरह गलत है।
इस मामले में छह जून को देवराज मलिक की ओर से शामली शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मामला धर्मांतरण के आरोपों से लेकर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका तक हाईकोर्ट पहुंचा। आयुष के दोस्त मो. सुल्तान ने याचिका में आयुष को उसके पिता द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट के आदेश पर बुधवार को आयुष को अदालत में पेश किया गया। देवराज का कहना है कि आयुष उसका बेटा है और बेटा ही रहेगा।
यह है मामला
शामली के दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि उनके पुत्र आयुष मलिक को शहर की रहने वाली जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्रेम जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराया। प्राथमिकी में चांदनी कुरैशी, उसके पिता इस्लाम कुरैशी और तीन मौलवी समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया था।
कई दिन सोशल मीडिया पर छाया रहा मामला
आयुष मलिक से जुड़ा धर्मांतरण प्रकरण कई दिनों तक सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहा। मामले से जुड़े फोटो, वीडियो और अलग-अलग दावों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट और चर्चाएं सामने आती रहीं। हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल होने और आयुष को कोर्ट में पेश करने के आदेश के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया। बुधवार को हाईकोर्ट में आयुष की पेशी के बाद सोशल मीडिया पर मामले से जुड़े अपडेट साझा किए जाते रहे।
आयुष प्रकरण में भ्रामक पोस्ट पर प्राथमिकी
शामली। आयुष मलिक प्रकरण में हाईकोर्ट द्वारा शामली पुलिस को फटकार लगाए जाने की भ्रामक सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में छह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, एक्स पर करिश्मा अजीज की आईडी, निखत अली की आईडी, द मुस्लिम की आईडी, वसीम अकरम त्यागी की आईडी और सैयद कैफ हसन की आईडी तथा फेसबुक पर नदीम सई की आईडी से भ्रामक पोस्ट प्रसारित की गई थीं।
एसपी की अपील
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट और वीडियो को बिना सत्यापन के आगे न बढ़ाएं। भ्रामक या झूठी जानकारी प्रसारित करने से बचें। किसी भी घटना की सही जानकारी के लिए पुलिस और उसके अधिकृत सोशल मीडिया हैंडल पर भरोसा करें। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।