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Shamli News: प्रधानमंत्री के फर्जी पत्र से भी बनवाए थे आयुष्मान कार्ड

Thu, 26 Dec 2024 11:44 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह के तार वेस्ट यूपी, उत्तराखंड ही नहीं बिहार से भी जुड़ गए हैं। साइबर थाना पुलिस की जांच और पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के पत्र को फर्जी तरीके से बनवाकर उससे कई आयुष्मान कार्ड बनवाए हैं।
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इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। साइबर थाना पुलिस ने जांच में कई बिंदुओं को शामिल किया है।
अमर उजाला के खुलासे के बाद शामली के साइबर थाना पुलिस ने आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह के शामली के ओदरी गांव के मुबीन, ऋषिकेश के अतुल चौहान और ऋषिकेश के राकेश पांडे को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रधानमंत्री के नाम के फर्जी पत्र बनवाकर प्रयोग किया था।
प्रधानमंत्री का पत्र स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बिना कैसे आ सकता हैं, इसकी जांच भी शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह के सदस्यों ने किस अधिकारी, कर्मचारी की मिलीभगत से प्रधानमंत्री के पत्र भिजवाए थे, जिनके माध्यम से अपात्रों के भी असली आयुष्मान कार्ड बने हैं।
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एसपी रामसवेक गौतम, साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर का कहना है कि गिरोह के संबंध में अहम सुराग हाथ लगे हैं, गिरोह में बीस से अधिक आरोपी चिह्नित किए जा चुके हैं। संवाद
यह था प्रधानमंत्री का पत्र : स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2018 के आसपास ग्रामीण क्षेत्र के गरीब लोगों को मुफ्त उपचार के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की गई थी। आवेदन करने से पहले पात्र लोगों के पास प्रधानमंत्री के नाम के पत्र भेजे गए थे।
प्रधानमंत्री मोदी के फोटो वाले पत्र में पीएम की तरफ से लिखा है, मुझे उम्मीद है कि अब आपको बिना किसी परेशानी और खर्च की चिंता किए इलाज मिल जाएगा। लैटर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड जरूरतमंदों का आसानी से बन जाता है। अब यह लैटर असली है या फर्जी, इसकी जांच चल रही है।
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