शामली। जिले के तीन प्रमुख मौत के चौराहों पर उपरिगामी पुलों के निर्माण का इंतजार वर्षों से बना हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) नई दिल्ली द्वारा ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया पूरी न किए जाने के कारण अब तक ठेकेदार का चयन नहीं हो सका है, जिससे प्रस्तावित उपरिगामी पुलों का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। जबकि यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। दिल्ली–शामली–सहारनपुर मार्ग पर बलवा गेट के सामने स्थित तिराहे पर पानीपत–खटीमा हाईवे बाईपास को जोड़ने के लिए दो उपरिगामी पुल तथा सदर तहसील के सामने पानीपत–खटीमा हाईवे पर एक उपरिगामी पुल के निर्माण को करीब ढाई वर्ष पहले मंजूरी दी गई थी। इन तीनों उपरिगामी पुलों के निर्माण पर लगभग 199 करोड़ रुपये की लागत प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई की ओर से पिछले कई वर्षों से इन परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया चल रही है। बावजूद इसके पिछले डेढ़ साल से प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। ठेकेदार का चयन न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।
एनएचएआई बागपत इकाई के साइट इंजीनियर राजन पांडे ने बताया कि शामली जिले में सदर तहसील के सामने प्रस्तावित उपरिगामी पुल तथा बलवा क्षेत्र में बनने वाले दो उपरिगामी पुलों की तकनीकी बिड (टेक्निकल बिड) खोली जा चुकी है। वित्तीय बिड खुलते ही ठेकेदार का चयन कर लिया जाएगा। ठेकेदार से अनुबंध होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। nहादसों के लिए बदनाम हैं ये चौराहे : जिले के बलवा, सदर तहसील, साईं धाम, गोहरनी और भैंसवाल–बधेव चौपाल जैसे स्थान सड़क दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। इन चौराहों पर लगातार हादसे हो रहे हैं। डीएम और एसपी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा निगरानी समिति की बैठकों में यह मुद्दा उठा है।