शामली। जिले में सर्दी बढ़ने के साथ ही अस्पताल में सांस और अस्थमा के मरीज भी बढ़ गए हैं। ओपीडी में रोजाना इस तरह के 30-40 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक मरीजों को उपचार के साथ ठंड से बचाव करने की सलाह दे रहे हैं।
ठंड के कारण नजला, खांसी और वायरल बुखार के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। इस तरह के करीब 300 से ज्यादा मरीज अस्पताल में आ रहे है। उधर, मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने से सांस और अस्थमा के मरीज भी बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक समद अली ने बताया कि जब भी मौसम बदलता है तो सांस व अस्थमा के मरीजों परेशानी होती है। इस समय सांस और अस्थमा के 30-40 मरीज आ रहे हैं। पहले इनकी संख्या 20 के आसपास रहती थी।
उन्होंने बताया कि मरीजों को खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सबसे महत्वपूर्ण यहीं है कि मरीजों को ठंड से बचाव करना चाहिए। जिला अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण के नजला, खांसी और वायरल के मरीज सबसे ज्यादा है। इसके अलावा सांस व अस्थमा के मरीज भी आ रहे हैं।
इस तरह करें बचाव
- ठंड से बचाव के लिए ऊनी व गर्म कपड़े पहने।
- सुबह व शाम को घर के अंदर ही रहे।
- ठंड के मौसम में घर से बाहर न टहले।
- घर के अंदर ही नियमित रूप से हल्का व्यायाम करें।
- अस्थमा व सांस के मरीज नियमित रूप से दवा लेते रहें।
- कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह लें।