शामली। हेपेटाइटिस सी की जांच किट के लिए पांच लाख रुपये का बजट जिला स्वास्थ्य विभाग को मिला है। विभाग ने जांच किट खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किट खत्म होने के कारण दो माह से ज्यादा समय से मरीजों के वायरल लोड की जांच बंद चल रही है। अगले सप्ताह से जांच शुरू होने की उम्मीद है।
हेपेटाइटिस सी और बी के मरीज हर महीने 250 से ज्यादा नए मरीज सामने आ रहे हैं। जिले में मरीजों के वायरल लोड की जांच बीएसएल टू लैब जसाला में दो माह से अधिक समय से बंद चल रही है। इसकी वजह ये है कि स्वास्थ्य विभाग के पास जांच किट खत्म चल रही है। जांच किट न होने से मरीजों की जांच बंद होने से परेशानी हो रही है। जिला अस्पताल में मरीजों के रक्त के नमूनों को लेकर वायरल लोड की जांच के लिए मेरठ मेडिकल भेजा जाता है, जहां से रिपोर्ट आने में डेढ़ से दो माह का समय लगता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मरीज का उपचार शुरू हो पाता है।
जिला अस्पताल में मरीजों के रक्त के नमूने लेने के लिए सप्ताह में शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। बीएसएल टू लैब में जांच बंद होने के कारण मरीजों को प्राइवेट में महंगा शुल्क देकर जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. कृष्णगोपाल ने बताया कि जसाला बीएसएल टू लैब में जांच की किट खत्म होने के कारण हेपेटाइटिस सी की जांच नहीं हो पा रही है। बजट न होने के कारण जांच किट नहीं खरीदी जा सकी थी। अब शासन से किट खरीदने के लिए पांच लाख रुपये का बजट प्राप्त हो गया है। किट खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
उम्मीद है कि अगले सप्ताह से जसाला लैब में हेपेटाइटिस सी के मरीजों की वायरल लोड की जांच शुरू हो जाएगी।