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चीनी मिल की भूमि को दर्शाया आवासीय, औद्योगिक में दर्ज करने की दी दलील

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- वीडियो कैमरे की निगरानी में हुई सुनवाई के दौरान मिल अधिकारियों ने रखा पक्ष
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- जुलाई के बाद बोर्ड बैठक में पेश की जाएगी महायोजना 2031
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से प्रस्तावित शामली महायोजना 2031 पर आपत्तियों पर वीडियो कैमरे की निगरानी में आखिर दिन सुनवाई पूरी हो गई। अंतिम दिन शामली चीनी मिल की आपत्ति पर भी सुनवाई हुई। जिसमें चीनी मिल के लीगल मैनेजर ने शहर के बुढ़ाना रोड़ पर मिल की लीज पर मिली भूमि को आवासीय दर्शाने पर आपत्ति जताई और औद्योगिक प्रयोग में दर्ज करने को लेकर पक्ष रखा। प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक जुलाई के बाद जनहित को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।
सुनवाई के अंतिम दिन शासन के प्रतिनिधि कृष्ण मोहन, टाऊन प्लानर प्रभात पाल, प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में महायोजना में आपत्तियों पर सुनवाई हुई। शामली चीनी मिल के लीगल मैनेजर विशंभर सिंह दहुजा पेश हुए। उन्होंने अपनी आपत्ति में कहा कि शहर के बुढ़ाना रोड पर 100 बीघा भूमि लीज पर जिला प्रशासन की ओर से मिली हुई है। प्राधिकरण की महायोजना में उनकी भूमि को आवासीय दर्शाया गया है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से उन्हें लीज पर भूमि औद्योगिक रुप से प्रयोग करने के लिए मिली है। चीनी मिल की आवासीय कॉलोनी को आवासीय भूमि, मिल प्लांट को औद्योगिक दर्शाया गया है। चीनी मिल परिसर और बुढ़ाना रोड पर भूमि को औद्योगिक रुप में दर्शाने की मांग रखी। सिंभालका गांव के नीरज कुमार, विवेक कुमार, रवींद्र कुमार ने अपनी दर्ज आपत्ति पर कहा कि उनकी भूमि में खुला पार्क स्टेडियम दर्शाया गया है।
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सुनवाई के दौरान नहीं मिली आपत्ति की पत्रावली
महायोजना 2031 की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मानवेंद्र वर्मा की आपत्ति की पत्रावली नहीं मिली। उन्होंने ने बताया कि सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कहा कि नगर पालिका परिषद ने अपनी सीमा खत्म होने का बोर्ड कुड़ाना मोड़ पर लगाया है, जबकि नगर पालिका परिषद एसटी तिराहे तक अपनी सीमा मानकर कार्य करा रही है। पालिका की सीमा खत्म होने के बाद एक किमी आगे के दायरे में प्राधिकरण की सीमा शुरू होती है। पालिका अपनी सीमा से अधिक भूमि का अधिकार दर्शा रही है। इस सवाल पर पालिका सुरेंद्र सिंह कोई सफाई नहीं दे पाए।
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आपत्ति पर पक्ष रखते हुए यह भी कहा कि चीनी मिल लीज पर ली हुई भूमि पर फ्लाई एश सुखाती है। जो उड़कर शहर की आवासीय कॉलोनियों तक जाती है। एनजीटी के नियमनुसार चीनी मिल को लीज पर ली गई बुढ़ाना रोड की भूमि पर फलाई एश उड़ने से रोकने के प्रबंध करना चाहिए। पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से शहर के बुढ़ाना रोड भूमि के चारों ओर हरियाली विकसित करने के लिए पेड़ लगाए जाएं। सहारनपुर रोड पर बाईपास पर हरियाली विकसित करने के लिए भी पेड़ लगाने की आवश्यकता है। प्राधिकरण की सीमा से बाहर उनका बाग है। उनकी भूमि की 143 की कार्रवाई हो चुकी है। फिर भी उनके बाग को आवासीय दर्शाया है।
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