शामली: निर्भया कांड के दरिंदों को फांसी की सजा मिलने से उसके परिवार को न्याय मिल गया है। मगर शामली जिले में भी दुराचार पीड़िताओं के परिवार हैं, जिन्हें कानून के इस फैसले से न्याय की आस जगी है। पिछले साल दुष्कर्म और दुष्कर्म की कोशिश की करीब 18 मामले दर्ज हुए थे। हालांकि इस साल अभी तक दुष्कर्म का कोई मामला सामने नहीं आया है। पिछले सालों में हुई घटनाओं में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के चलते पीड़ित परिवारों को अभी न्याय का इंतजार करना पड़ रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाए जाते है, ताकि आरोपियों को उनके किए की सजा मिल सके।
केस एक
गढ़ीपुख्ता थानाक्षेत्र के एक गांव में अक्तूबर 2019 में खेत में पिता का खाना लेकर जा रही 11 वर्षीय किशोरी के साथ गांव के युवक ने दुष्कर्म की कोशिश की थी। किशोरी के विरोध करने पर आरोपी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अक्तूबर 2017 में इसी थानाक्षेत्र के एक अन्य गांव में तीन वर्षीय मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने गांव के युवक को गिरफ्तार किया था।
केस दो
चौसाना क्षेत्र में सितंबर 2015 में आठ वर्षीय बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या हुई थी। बच्ची का शव घर से कुछ दूर खेत में पड़ा मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
केस तीन
कैराना क्षेत्र के एक गांव में नवंबर 2016 में खेत पर गई 16 वर्षीय किशोरी के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था। परिवार को न्याय की आस है।
केस चार
2017 में कैराना क्षेत्र के एक गांव में घर में घुसकर महिला के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई थी और विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी थी। इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसी तरह की कई अन्य घटनाएं हुई, जिनमें पीड़ितों को न्याय का इंतजार है।
--
कोट
महिला संबंधी अपराधों को गंभीरता से लेकर साक्ष्य संकलन की कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए जाते है। थाना प्रभारियों को महिला अपराधों में गंभीरता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। - विनीत जायसवाल, एसपी।