शामली। थाना भवन क्षेत्र के गांव गोसगढ़ में एक महिला तबियत बिगड़ने से बेहोश होकर गिर गई। इसके बाद परिजनों ने एंबुलेंस मंगाने के लिए 108 नंबर पर कॉल किया। लेकिन सूचना के करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। इस बीच महिला की तबियत और ज्यादा बिगड़ गई। इलाज के लिए ले जाते हुए रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
गांव गोसगढ़ निवासी 50 वर्षीय सुदेशना की शनिवार रात तबियत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गई। परिजनों ने एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर पर कॉल की। कॉल रिसीव करने वाले कर्मचारी ने थोड़ी देर में एंबुलेंस पहुंचने की बात कही। करीब आधा घंटे बाद फिर कॉल की तो रिसीव करने वाला उन्हें धमकाने लगा। कहा कि एंबुलेंस पहुंच गई है, मौके पर कोई नहीं है। ग्राम प्रधान संगीता के पति नीरज कुमार ने बताया कि इसके बाद उन्होंने कॉल की तो कहा गया एंबुलेंस आने वाली है। आधा घंटे बाद उन्होंने दोबारा कॉल की। कॉल रिसीव करने वाला व्यक्ति काफी देर तक पूछताछ करता रहा। उसने कहा कि आपके नंबर से एंबुलेंस के लिए कोई कॉल आई ही नहीं थी। करीब दो घंटे बीतने के बाद एंबुलेंस पहुंची।
परिजन महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे तो चिकित्सक ने गंभीर हालत के चलते उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। वहां से ले जाते समय महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया। ग्राम प्रधान पति नीरज कुमार और ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है। एंबुलेंस समय से आती तो सुदेशना की जान बच सकती थी।
वहीं इस मामले में एंबुलेंस सेवा के जिला इंचार्ज ललित मोहन ने का कहना है कि एंबुलेंस के लिए फोन सीधा लखनऊ जाते हैं। थानाभवन क्षेत्र में शनिवार रात फूड प्वाइजनिंग के कुछ केस थे। जिसमें 108 एंबुलेंस खाली नहीं थी। 102 एंबुलेंस भेजकर महिला को सीएचसी ले जाया गया। जहां से उसे मुजफ्फरनगर रेफर किया गया। रास्ते में हालत ज्यादा बिगड़ने पर चरथावल सीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।