थाने पहुंचे कार्तिक और अलीशा उर्फ दीपिका।
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Alish transforms into Deepika: शामली जिले के गांव खेड़ाभाऊ निवासी कार्तिक उर्फ भानू का धर्मांतरण कराने के परिजनों द्वारा लगाए आरोप के मामले में नया मोड़ आ गया है। कार्तिक और अलीशा उर्फ दीपिका बृहस्पतिवार को झिंझाना थाने पहुंचे। कार्तिक ने धर्मांतरण के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह पूरी तरह से हिंदू है। उसने अलीशा से हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार स्वेच्छा से एक साल पहले मंदिर में शादी की है। अलीशा ने बताया कि वह तीन माह की गर्भवती है।
बघरा स्थित साधना पीठ आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर कहा था कि खेड़ाभाऊ के परिवार ने उन्हें आश्रम आकर बताया कि उनके इकलौते पुत्र कार्तिक का सहारनपुर के ननौता की रहने वाली अलीशा व उसके परिजनों ने प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण करा दिया और उसे बंधक बनाकर रखा गया है। कार्तिक के पिता पंकज ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर युवती पर 35 बीघा जमीन नाम कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
यह प्रकरण सोशल मीडिया पर छाने के बाद बृहस्पतिवार को कार्तिक और अलीशा झिंझाना थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे दोनों बालिग हैं और स्वेच्छा से वर्तमान में जिला हापुड़ के पिलखुआ थानाक्षेत्र के गांव गालंद में पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं। दोनों एक कंपनी में काम करते हैं।
कार्तिक ने बताया कि वह पूरी तरह हिंदू है और अलीशा भी हिंदू धार्मिक परंपरा का पालन कर रही है। दोनों की सहमति से अलीशा ने नाम बदलकर दीपिका रख लिया है। उन्होंने करीब एक साल पहले बरेली के मंदिर में हिंदू परंपरा के अनुसार शादी की है। दोनों ने कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है। वे दोनों साथ रहना चाहते हैं।
अलीशा उर्फ दीपिका ने बताया कि वह 19 साल की है और तीन माह की गर्भवती है। अब वे चाहते हैं कि उन्हें किसी भी तरह से परेशान न किया जाए। इस मामले में फिलहाल कार्तिक के माता-पिता ने कुछ भी बोलने से इनकार किया है।
कार्तिक ने वीडियो वायरल कर परिजनों को ठहराया जिम्मेदार
सोशल मीडिया फेसबुक पर बृहस्पतिवार को कार्तिक का वीडियो सामने आया। वायरल वीडियो में कार्तिक ने कहा कि उसने एक साल पहले ही अपने परिजनों से कहा था कि अलीशा अब हिंदू बन गई है। उन दोनों की शादी करा दो लेकिन परिजनों ने उनकी नहीं सुनी और उसे बेदखल कर घर से भगा दिया था। इसके बाद वह अलीशा के साथ बाहर रह रहा है। वे न तो किसी को परेशान कर रहे हैं और न ही किसी से कुछ मांग रहे हैं। उन्हें चैन से रहने दिया जाए।
वायरल वीडियो ने कार्तिक ने कहा कि अगर उन पर कोई मुसीबत आई तो दोनों आत्महत्या कर लेंगे और इसके जिम्मेदार उसके घर वाले व उसकी मौसी होगी। कार्तिक ने बताया कि अलीशा को भी उसके घर वालों ने बेदखल कर रखा है। इसमें युवती के परिजनों पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। अगर पुलिस को कोई कार्रवाई करनी है तो पहले उसे गिरफ्तार किया जाए।
लखनऊ तक गूंजा प्रकरण, शासन ने मांगी रिपोर्ट
कार्तिक के कथित धर्मांतरण का प्रकरण की गूंज लखनऊ तक गई। शासन ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट मांगी। पुलिस ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है। भेजी गई रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि जांच में दोनों बालिग हैं और दोनों हापुड़ के गांव गालंद में स्वेच्छा से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे हैं। कार्तिक ने धर्म परिवर्तन करना स्वीकार नहीं किया है। इस प्रकरण में अब तक की जांच में जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने संबंधी कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए हैं।
ये बोले एसपी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गांव खेड़ाभाऊ निवासी कार्तिक ने धर्म परिवर्तन नहीं किया। वह स्वेच्छा से अलीशा के साथ रह रहा है। अलीशा ने नाम बदलकर दीपिका रखा है। दोनों से झिंझाना थाने पर पूछताछ की गई। कार्तिक के माता-पिता को इस बारे में जानकारी दे दी गई है।
-एनपी सिंह, एसपी।