Shamli News: यशवीर महाराज ने धर्मांतरण का एक और मुद्दा उठा दिया है। शामली के झिंझाना क्षेत्र के गांव खेड़ाभाऊ निवासी कार्तिक के जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाया है। युवक के पिता ने भी अधिकारियों से मिलकर बेटे को वापस दिलाने की मांग की है।
शामली में आयुष मलिक के बाद अब जिले के गांव खेड़ाभाऊ निवासी किसान के बेटे कार्तिक उर्फ भानू के धर्मांतरण का मामला सामने आया है। बघरा स्थित साधना पीठ आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने शामली पुलिस प्रशासन से इस प्रकरण को गंभीरता से लेकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं होती है तो युवती के घर के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, पीड़ित पिता ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर युवती व उसके परिजनों पर संपत्ति हड़पने के लिए उनके इकलौते लड़के को बंधक बनाने और धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है।
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स्वामी यशवीर महाराज ने सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से बताया कि बुधवार को झिंझाना क्षेत्र के गांव खेड़ाभाऊ निवासी एक परिवार उनके आश्रम में पहुंचा। उन्हें जानकारी दी कि डेढ़ वर्ष पूर्व उनके इकलौते लड़के कार्तिक (22) को सहारनपुर के नानौता की रहने वाली दूसरे वर्ग की युवती ने अपने परिजनों व अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने के लिए कार्तिक को अपने प्रेमजाल में फंसाया।
आरोप है कि इस कार्य में ननौता व देवबंद के मौलवियों का भी हाथ है और उसे किसी अज्ञात स्थान पर बंधक बनाकर रखा गया है। आरोप है कि आरोपी युवती ने युवक के परिजनों से फोन पर दावा किया है कि उसने युवक का धर्म परिवर्तन करा दिया है और अब वह दूसरे धर्म की धार्मिक परंपराओं का पालन कर रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी 35 बीघा संपत्ति को युवती के नाम करने का दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। डेढ़ साल से वे अपने बेटे को वापस लाने के लिए भटक रहे हैं। झिंझाना थाने में शिकायत करने पर भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
स्वामी यशवीर महाराज ने एसपी शामली से इस प्रकरण पर संज्ञान लेकर सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे हिंदू समाज को लेकर ननौता में युवती के परिवार के घर के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे और पूरी बस्ती का घेराव तब तक चलेगा, जब तक सारे आरोपी गिरफ्तार होकर जेल नहीं जाते।
युवक के पिता ने एसपी को दिया प्रार्थना पत्र
युवक के पिता पंकज ने बुधवार को एसपी को प्रार्थना पत्र देकर अपने पुत्र को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराने व दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
इस प्रकरण में एसपी एनपी सिंह का कहना है कि झिंझाना थाना प्रभारी को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मुझे बेटा वापस चाहिए और कुछ नहीं चाहिए
कार्तिक की मां डोली ने रोते हुए कहा कि उसे कुछ नहीं चाहिए। उसे सिर्फ अपना बेटा वापस चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भी उनकी मदद नहीं की। उम्मीद लेकर वे स्वामी यशवीर महाराज के आश्रम में गए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आयुष मलिक को वापस अपने धर्म में लाया गया, उनके बेटे को भी वापस लाने में मदद करें। स्वामी यशवीर ने उन्हें भरोसा दिलाया है।
डोली का आरोप है कि युवती उनके बेटे से फोन पर भी बात नहीं करने देती और उनके साथ गाली-गलौज कर अभद्र व्यवहार करती है। कहा कि युवक को ताबीज देकर वशीकरण कर रखा है। उनका कहना है कि युवती ने करीब एक माह पहले फोन कर उन्हें बताया कि उसने उनके बेटे का धर्म परिवर्तन करा दिया है। अब वो वही करता है, जो वह कहती है। इसकी कॉल रिकार्डिंग उनके पास है।
ननौता में पढ़ाई के दौरान युवती के संपर्क में आया कार्तिक
पीड़ित पिता पंकज ने बताया कि उनका बेटा ननौता क्षेत्र के गांव ठसका में अपनी बुआ के यहां रहकर ननौता के एक स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ता था, वहीं पर लड़की कक्षा नौ में पढ़ती थी। उसी दौरान वह उसके बेटे के संपर्क में आई और प्रेम और विवाह करने का झांसा देकर उसे अपने परिवार से अलग कर दिया।
पिता का आरोप है कि एक माह पहले उसके पुत्र का फोन आया था, जिसमें वह कह रहा था कि उसे यहां से ले जाओ लेकिन उसे उस स्थान की जानकारी नहीं थी, जहां पर उसे बंधक बनाया गया था। उन्होंने आशंका जताई कि उसके पुत्र पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। इसे लेकर वह व उसका परिवार जान-माल की सुरक्षा को लेकर भयभीत है।
Saharanpur: नानौता की किशोरी ले जाने के मामले में जेल जा चुका कार्तिक
शामली के खेड़ाभाऊ निवासी युवक के कथित धर्मांतरण का मामला सामने आने के बाद उससे जुड़ा पुराना प्रकरण भी चर्चा में आ गया है। युवक नानौता निवासी किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने के मामले में पहले ही जेल जा चुका है। जिस लड़की को बालिग बताते हुए शामली में यशवीर महाराज ने मुद्दा उठाया है, सहारनपुर में नानौता निवासी परिजनों के अनुसार वह नाबालिग है।
बता दें, कि खेड़ाभाऊ निवासी युवक और नगर के मोहल्ला छत्ता निवासी किशोरी नगर के एक इंटर कॉलेज में एक साथ पढ़ते थे। आरोप है कि छह अप्रैल 2025 को भाऊखेड़ा निवासी युवक नानौता की किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। यह भी आरोप है कि उस समय किशोरी की उम्र 16 वर्ष थी और वह नाबालिग है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। पुलिस ने किशोरी को बरामद करते हुए आरोपी युवक को 22 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। अब उसी खेड़ाभाऊ निवासी युवक कार्तिक के परिजनों ने किशोरी व उसके परिजनों पर उसका धर्मांतरण कराने और अन्य आरोप लगाते हुए शिकायत की है।