शामली। प्रदेश में सरकार बदल गई, मगर चीनी मिल मालिकों की नीयत अब भी नहीं बदली। प्रदेश सरकार के गन्ना विकास मंत्री ने 23 अप्रैल तक शुगर मिलों को 14 दिन के अंतराल में गन्ना मूल्य भुगतान की व्यवस्था लागू करने के लिए कहा था, लेकिन शुगर मिल मालिकों पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा।
गौरतलब है कि गन्ना विकास मंत्री ने शुगर मिलों मालिकों को 23 अप्रैल तक ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा था कि 14 दिन के भीतर किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाए, मगर शामली जिले की चीनी मिल मालिकों ने इसका पालन नहीं किया है। आलम यह है कि गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा के गृह जनपद शामली में ही शुगर मिल मालिकों की मनमानी चल रही है।
जिले की अपर दोआब शामली, सुपीरियर फूड लिमिटेड ऊन तथा बजाज हिंदुस्थान की थानाभवन शुगर मिल ने अब तक 14 दिन के हिसाब से गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। तीनों मिलों ने गन्ना पेराई शुरू होने के बाद से अब तक 2 करोड़ 42 लाख क्विंटल गन्ना खरीद लिया है, लेकिन भुगतान सिर्फ 48.25 प्रतिशत ही किया जा सका है।
थानाभवन मिल में गन्ना पेराई 14 अप्रैल को बंद हो चुका है, जबकि इस मिल पर 191 करोड़ 91 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं, अपर दोआब शुगर मिल शामली के गन्ना क्रय केंद्र भी बंद होने लगे तथा 10 क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं।
ऊन शुगर मिल में पेराई सत्र 30 अप्रैल के बाद बंद होने की संभावना है, तो अपर दोआब शुगर मिल शामली में पेराई सत्र 10 मई के आसपास बंद होने की संभावना जताई जा रही है। चीनी मिल मालिकों की मनमानी के बीच किसान पिस रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती का कहना है कि गन्ना मूल्य भुगतान के लिए मिल मालिकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।