शामली। जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अब नया सिस्टम लागू होने जा रहा है। ऊर्जा निगम ने जिलेभर में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मीटरों में बदलने का काम शुरू कर दिया है। यानी अब उपभोक्ताओं को बिजली का उपयोग करने से पहले मीटर में रिचार्ज कराना होगा, ठीक वैसे ही जैसे मोबाइल में बैलेंस खत्म होते ही कॉल बंद हो जाती है।
25 अक्तूबर तक जिले के सभी स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड सिस्टम में बदला जाएगा। जिले में करीब 2.88 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से अधिकांश घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अब तक 48,565 उपभोक्ताओं के मीटरों को प्रीपेड मोड में कन्वर्ट किया जा चुका है। अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से शामली, कैराना, कांधला और जलालाबाद के उपभोक्ताओं को लगातार मैसेज भेजे जा रहे है ताकि वे समय रहते अपने मीटर को प्रीपेड मोड में शिफ्ट करा सकें। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि 25 अक्तूबर से पूरे जिले में यह व्यवस्था लागू हो जाए।
नई व्यवस्था के बाद उपभोक्ताओं को बिजली का उपभोग करने से पहले मीटर में रिचार्ज कराना अनिवार्य होगा। जब तक बैलेंस रहेगा, बिजली की आपूर्ति मिलती रहेगी। जैसे ही बैलेंस खत्म हुआ, बिजली की सप्लाई अपने आप बंद हो जाएगी। इसके लिए उपभोक्ता ऊर्जा निगम की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी बिजली कार्यालय या पावर हाउस के काउंटर पर जाकर रिचार्ज करा सकते हैं।
फायदा यह होगा कि बिल बकाया की समस्या खत्म हो जाएगी और बिजली चोरी पर भी अंकुश लगेगा। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ होगा, क्योंकि वे अपने खर्च और बिजली खपत को खुद मॉनिटर कर सकेंगे।
-लोड बढ़ते ही विभाग को मिलेगी जानकारी
स्मार्ट मीटरों की तकनीक से यह भी पता चल सकेगा कि किस फीडर या ट्रांसफार्मर पर लोड ज्यादा है। इससे ओवरलोडिंग और फॉल्ट जैसी समस्याओं का समाधान तुरंत किया जा सकेगा। विभागीय अधिकारी अपने सिस्टम पर ही देख सकेंगे कि कौन-सा मीटर ज्यादा लोड दिखा रहा है या बिजली खपत असामान्य है।
-प्रीपेड सिस्टम से घटेगी छेड़छाड़ की संभावना
प्रीपेड मीटर में रीडिंग घटाने या बढ़ाने जैसी कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। यानी मीटर पूरी तरह से टैंपर प्रूफ रहेगा। बिजली की खपत और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।
-आशियाना में खुलेगा नया हेल्पलाइन सेंटर
बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग जल्द ही जिले में नया हेल्पलाइन सेंटर खोलने जा रहा है। यहां उपभोक्ताओं की सभी शिकायतें दर्ज की जाएंगी। हालांकि सुपरविजन विभाग करेगा, लेकिन कॉल रिसीव करने और शिकायत दर्ज करने का काम अब निजी एजेंसी के माध्यम से होगा।
उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल कर अपनी समस्याएं जैसे नया कनेक्शन, बिल संशोधन, मीटर दिक्कत, नाम परिवर्तन या सप्लाई बाधित होने की शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने स्मार्ट मीटरों को समय रहते प्रीपेड मोड में अपडेट कर लें ताकि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।